Skip to main content

AAJ24

[state_mirror_header]

गोठड़ा माताजी की भविष्यवाणी 2026: तेज गर्मी में जुटे किसान, -तूफान, बीमारी, युद्ध और बड़े संकटों का अलर्ट,सोना चांदी में निवेश से बचने की सलाह

Priyanshu Ranjan

भरत शर्मा की रिपोर्ट

- Advertisement -

युद्ध के साथ सोना चांदी में निवेश नही करने का अलर्ट

- Advertisement -

रतलाम। रतलाम के जावरा तहसील के ग्राम गोठड़ा स्थित मलेनी नदी किनारे महिषासुर मर्दिनी माता मंदिर पर हर वर्ष चैत्र नवरात्रि की नवमी पर पारंपरिक भविष्यवाणी की जाती है। शुक्रवार को आयोजित इस आयोजन में तेज गर्मी के बावजूद रतलाम सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और पूरे धैर्य के साथ भविष्यवाणी सुनी।

पंडित नागूलाल धनगर द्वारा की गई इस भविष्यवाणी के आधार पर किसान वर्ष भर की खेती-किसानी की रणनीति तय करते हैं। पंडित द्वारा पूरे वर्ष के मौसम, खेती, सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर विस्तृत भविष्यवाणी प्रस्तुत की गई, जिसे सुनने के लिए किसान तेज गर्मी में भी घंटों तक मंदिर परिसर में डटे रहे।

मौसम और वर्षा का अनुमान

पंडित नागूलाल ने बताया कि इस वर्ष आगजनी और तेज हवाओं का प्रकोप अधिक रहेगा। वैशाख माह में भी वर्षा होने के संकेत हैं। ज्येष्ठ माह के प्रारंभ में कम और अंत में अधिक वर्षा होगी। सावन में कहीं अत्यधिक तो कहीं बहुत कम वर्षा होगी, जबकि आधे सावन में सामान्य वर्षा रहेगी। भादवा माह में आधा समय सूखा और आधा समय वर्षा होगी। कुओं में पानी भरपूर रहेगा, लेकिन वर्षा से नुकसान की भी संभावना है।

बुवाई के मुहूर्त और खेती की स्थिति

बुवाई को लेकर उलझन की स्थिति रहेगी और बीज दोगुना रखना पड़ेगा। पहली बुवाई आषाढ़ माह की एकम से दशमी तक, दूसरी बुवाई आधे आषाढ़ की एकम से पंचमी तक और तीसरी बुवाई आषाढ़ अंत से सावन प्रारंभ तक उपयुक्त बताई गई है। मंगलवार को तेरस तिथि पर दोपहर 2:30 बजे बुवाई का विशेष मुहूर्त बताया गया है। हाथ से बुवाई करने की सलाह दी गई है, ट्रैक्टर से नहीं। बहते और आते आषाढ़ में बावनी अच्छी रहने की संभावना जताई गई है

See also  रेलवे की कानाफूंसी ;जमानत पर टिंगू जी समझ रहे अपनी शान बैर के वा का नहीं कोई एहसान

फसलों और भाव का अनुमान

गेहूं, चना सहित सभी फसलें अच्छी होंगी, हालांकि कुछ स्थानों पर गेहूं में खराबी आ सकती है। गेहूं, सोयाबीन और लहसुन के भाव अच्छे रहेंगे, जबकि प्याज के भी ठीक-ठाक भाव मिलेंगे। सोयाबीन में इल्ली की शिकायत रहेगी। काली और सफेद फसलों (वस्तुओं) के भाव अधिक रहने की संभावना है।

मावठा, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि

सात मावठे बताए गए हैं, जो अगहन, पौष और माघ में गिरेंगे तथा ओलावृष्टि के साथ नुकसान अधिक होगा। अतिवृष्टि तीन बार- माघ के शुरुआत और अंत में तथा फाल्गुन के मध्य में होगी।

प्राकृतिक आपदाएं और बीमारी का प्रकोप

माघ और पौष माह में भूकंप के झटके महसूस होने की संभावना जताई गई है, जो कहीं हल्के तो कहीं तेज हो सकते हैं। कुंवार और कार्तिक माह में संक्रमण या अन्य बीमारियों का प्रकोप अधिक रहेगा। वैशाख से आषाढ़ तक ऐसी बीमारी फैल सकती है कि लोगों को घरों में ही रहना पड़े। गाय-भैंसों में भी बीमारी फैलने की आशंका जताई गई है।

सामाजिक और आर्थिक चेतावनी

सोना-चांदी में आम लोगों को निवेश नहीं करने की सलाह दी गई है, हालांकि व्यापारियों के लिए यह लाभकारी रहेगा। अपने और पशुओं के लिए भोजन की व्यवस्था रखने को कहा गया है। भविष्यवाणी में यह भी कहा गया कि कठिन परिस्थितियों में अंतिम संस्कार तक संभव नहीं हो पाएंगे।

राजनीति और वैश्विक स्थिति

राजनीति में भारी उथल-पुथल और विवाद होने की संभावना जताई गई है। विश्व स्तर पर देशों के बीच युद्ध जारी रहने और इस वर्ष उसके और बढ़ने के संकेत दिए गए हैं। एक ऐसा घटनाक्रम भी होने की बात कही गई है जिससे सरकारें भी थक जाएंगी।

See also  नितिन नबीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं, 18 जनवरी को होगा चुनाव, 20 को होगा ऐलान

सामाजिक संदेश

पंडित नागूलाल ने गौमाता और बेटियों की रक्षा करने, जातिगत विवाद खत्म करने और समाज में एकता बनाए रखने का संदेश दिया। भविष्य में जाति व्यवस्था समाप्त होने और वैवाहिक संबंधों में खुलापन आने की बात भी कही गई।
धार्मिक उपाय बीमारी समाप्त होने पर महावीर (बजरंगबली) का हवन, अभिषेक और पूजन करने की सलाह दी गई। साथ ही धरती माता और देवताओं की पूजा करने पर जोर दिया गया।

Share This Article