अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के अंबिकापुर (खरसिया नाका) में सोमवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब झारखंड के चर्चित धनबाद वासेपुर दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक शातिर अपराधी पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया।
कैसे हुआ फरार?
झारखंड की धनबाद पुलिस ने स्थानीय इनपुट के आधार पर मस्जिद के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया था। लेकिन इसी बीच स्थानीय स्तर पर रसूख रखने वाले एक खूंखार बस संचालक (बैतूल) और उसके परिवार ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। हाथापाई के दौरान बस संचालक पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गया, जिसका फायदा उठाकर उसके भाई और जुनैद नाम के एक अन्य बस संचालक ने अपराधी को कस्टडी से भगा दिया। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को तुरंत एक एसयूवी (SUV 700) कार से ओडिशा रवाना कर दिया गया है।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल:
इस सनसनीखेज घटना के बाद झारखंड पुलिस के सब-इंस्पेक्टर श्रीनिवास राव ने आरोपी के भागने की आधिकारिक पुष्टि की है। इस घटना ने अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय और सरगुजा की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की संयुक्त टीमें रातभर शहर के कई ठिकानों पर दबिश देती रहीं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। स्थानीय स्तर पर अपराधियों को संरक्षण देने वाले इस पूरे परिवहन सिंडिकेट की जांच की मांग तेज हो गई है।