Raipur | Exclusive | Aaj24.in
छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार के दावों के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा के ही विधायक रिकेश सेन ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनकी जान को खतरा है और उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है।
मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि राज्य में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार है। ऐसे में अगर सत्ता पक्ष के ही विधायक को अपनी सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जतानी पड़ रही है, तो आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि विधायक को खतरा कथित तौर पर राजनीतिक विरोधियों से ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के कुछ लोगों से भी हो सकता है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है।
लेकिन इस बयान के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था, राजनीतिक तनाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।
विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रिया
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों को ही अपनी सुरक्षा के लिए सार्वजनिक बयान देना पड़ रहा है, तो यह राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
वहीं विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि राज्य में नशे के कारोबार, सट्टेबाजी और अपराध के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।
सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की धमकी या आपराधिक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा। पुलिस और प्रशासन को जांच के निर्देश दिए जा सकते हैं।
बड़ा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर जनप्रतिनिधि ही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
साभार:
सतीश त्रिपाठी, अधिवक्ता, हाईकोर्ट बिलासपुर — उनके फेसबुक वॉल से प्राप्त विचार।




