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CDS बोले-देश का बड़ा हिस्सा सेना की उपलब्धियों से अनजान इसे एजुकेशन में जोड़ा जाएगा

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By Aaj 24

दिल्ली ,इंडियन मिलिट्री हैरिटेज फेस्टिवल का दूसरा एडिशन शुक्रवार को नई दिल्ली में शुरू हुआ। इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा- देश का बड़ा हिस्सा भारतीय सेना की उपलब्धियों को नहीं जानता। इसलिए इसे एजुकेशन में भी जोड़ा जाएगा।

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इस फेस्टिवल का लक्ष्य भारतीय वायुसेना, नौसेना और आर्मी की उपलब्धियों को प्रमोट करना है। साथ ही यह युवाओं के बीच सेना को बतौर करियर बढ़ावा देने का काम भी कर रहा है। इसका पहला एडिशन पिछले साल 21-22 अक्टूबर को आयोजित हुआ था।

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शुक्रवार को फेस्टिवल के दौरान CDS ने शौर्य गाथा प्रोजेक्ट लॉन्च किया। इसका मकसद अगली पीढ़ी में नेशनल प्राइड यानी राष्ट्रीय गर्व की भावना बढ़ाना है।

इस फेस्टिवल में रक्षा मंत्रालय, डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMA) और इंडियन फोर्स के अलावा पर्यटन विभाग लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश सरकार और संस्कृति मंत्रालय के अलावा NCC कैडेट भी शामिल हुए हैं।

शौर्य गाथा प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMA) की पहल है। इसे DMA और यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (USI) के सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री एंड कॉन्फ्लिक्ट स्टडीज ने साथ मिलकर शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद भारतीय सेना के इतिहास और उपलब्धियों को टूरिजम और शिक्षा की मदद से प्रमोट करना है।

 इस प्रोजेक्ट के जरिए बैटलफील्ड टूरिजम यानी बॉर्डर एरिया में टूरिजम को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे नए रोजगार पैदा होंगे। इसके तहत भारतीय सेना के अहम मिलिट्री लैंडमार्क की पहचान की जाएगी, उन्हें रीस्टोर किया जाएगा और फिर प्रमोट किया जाएगा। इसके बाद उन्हें स्मारक और म्यूजियम में रिजर्व किया जाएगा।

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शौर्य गाथा प्रोजेक्ट के तहत भारतीय सेना के कई ऑपरेशन्स की चर्चा की गई। इस दौरान बताया गया कि भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान 16 दिसंबर 1971 को सीजफायर की घोषणा हुई थी। इस घोषणा के 15 दिनों तक भारतीय सेना के जवानों को ठीक से खाना-पानी तक नहीं मिला था। वे सर्दी से बचने के लिए घास ओढ़कर सोए थे।

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