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ब्लैकरॉक ने निवेशकों के 1.2 बिलियन डॉलर रोके: क्या यह वैश्विक वित्तीय संकट की आहट है?

Priyanshu Ranjan

दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक (BlackRock) ने अपने 26 बिलियन डॉलर के प्राइवेट क्रेडिट फंड (HLEND) से पैसा निकालने पर पाबंदी लगा दी है। हाल ही में निवेशकों ने लगभग 1.2 बिलियन डॉलर की निकासी की मांग की थी, लेकिन कंपनी ने भारी दबाव के चलते केवल 50% भुगतान ही किया है।

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इस कदम ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि $2 ट्रिलियन का ‘शैडो बैंकिंग’ और प्राइवेट क्रेडिट सेक्टर अब दबाव में है। जब बड़ी संख्या में निवेशक एक साथ अपना पैसा वापस मांगते हैं और फंड के पास पर्याप्त नकदी नहीं होती, तो ऐसी स्थिति पैदा होती है।

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मुख्य बिंदु:

• निवेशकों ने फंड का 9.3% हिस्सा निकालने की मांग की थी, लेकिन निकासी सीमा (Cap) के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।

• ब्लैकरॉक के इस फैसले के बाद अन्य वित्तीय दिग्गजों जैसे केकेआर (KKR) और ब्लैकस्टोन के शेयरों में भी गिरावट देखी गई।

• क्या यह 2008 जैसे किसी बड़े आर्थिक संकट की शुरुआत है? बाजार के जानकार अब लिक्विडिटी (नकदी) की कमी को लेकर सतर्क हो गए हैं।

पूरी रिपोर्ट और इसके दूरगामी प्रभावों को विस्तार से समझने के लिए [यहाँ क्लिक करें/Visit https://rootsalert.com/blackrock-freezes-investor-funds-liquidity-crisis/]।

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