कला केंद्र मैदान में जुटे विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, मेधावी विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान
अंबिकापुर, 27 अगस्त 2026। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को अंबिकापुर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी पूरी श्रद्धा, शालीनता और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न मोहल्लों से निकला जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए कला केंद्र मैदान पहुंचा, जहां सीरतुन्नबी कमेटी अंबिकापुर की ओर से भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आयोजन की खासियत रही कि इसमें मुस्लिम समाज के साथ हिंदू, सिख और ईसाई समाज के धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी सहभागिता की। सर्वधर्म सभा के मंच से आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता, शांति और धार्मिक सद्भाव का संदेश दिया गया।
धर्मगुरुओं ने पैगंबर मोहम्मद के जीवन संदेश पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम को ईसाई समाज के धर्मगुरु बिशप स्वामी डॉ. एंथोनी बड़ा, सिख समाज के वक्ता हर्षदीप सिंह जिंदल, हिंदू समाज के वक्ता अंजनी कुमार पांडेय तथा मुस्लिम समाज के धर्मगुरु मौलाना सगीर मिस्बाही और मौलाना हमीद रजा ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन, आदर्शों और मानवता के प्रति उनके संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेम, करुणा, न्याय, भाईचारा, अनुशासन, ईमानदारी और जरूरतमंदों की मदद जैसे मूल्यों को अपनाना समाज को मजबूत बनाता है।
उन्होंने सभी धर्मों के सम्मान, सामाजिक सौहार्द और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि नफरत और विभाजन की परिस्थितियों में इंसानियत तथा भाईचारे को प्राथमिकता देना ही समाज के हित में है। देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी आह्वान किया गया।
सिंहदेव ने बताया सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सरगुजा के पूर्व उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि सीरतुन्नबी कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित यह कार्यक्रम अंबिकापुर की गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल है।
उन्होंने विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाने तथा आपसी भाईचारे एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करने की पहल की सराहना की।
मेधावी विद्यार्थियों और खिलाड़ियों का सम्मान
समारोह में शिक्षा, खेल, प्रतियोगी परीक्षाओं और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। वहीं बॉक्सिंग, हैंडबॉल, शूटिंग, कुश्ती और कैरम सहित विभिन्न खेलों में जिला एवं राज्य स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों का भी सम्मान हुआ।
UPSC और CGPSC में सफलता प्राप्त करने वाले जिले के होनहार युवाओं को भी सम्मानित किया गया।
समाजसेवी संस्थाओं और मदरसा विद्यार्थियों को भी सम्मान
समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए रजा यूनिटी फाउंडेशन, गौ सेवा मंडल और मुस्लिम युवा मंच सहित अन्य संस्थाओं को सम्मानित किया गया। विभिन्न मदरसों के चयनित प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
कमेटी के कार्यक्रमों को लंबे समय से सफल बनाने में योगदान देने वाले मसूद आलम और फैजान अहमद को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। विभिन्न मोहल्लों में आकर्षक सजावट करने वाली कमेटियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के आधार पर पुरस्कृत किया गया।
कमेटी पदाधिकारियों ने जताया आभार
कार्यक्रम का स्वागत भाषण सीरतुन्नबी कमेटी के अध्यक्ष मेराज गुड्डू ने दिया। संचालन फैजान अहमद ने किया, जबकि कार्यकारी अध्यक्ष नियाजउद्दीन खान निक्की ने आभार व्यक्त किया।
आयोजन को सफल बनाने में हाजी रहमत खान, यासीन अंसारी, पार्षद हसन खान, अख्तर सिद्दीकी, बाबर इदरीशी, शादाब आलम रिजवी, हाजी अख्तर, मोहम्मद जाकिर, सादिक खान, कमाल खान, गुलशेर खान, साबिर मुन्ना, अशफाक कमर, सलमान इंजीनियर, हाजी रिजवान, मोहम्मद वसीम सहित कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
इस अवसर पर शफी अहमद, मोहम्मद इस्लाम, इरफान सिद्दीकी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, अशफाक अली, रशीद अंसारी, दानिश रफीक, नगर निगम सभापति हरविंदर सिंह टिनी, विद्यानंद मिश्रा, संजय अंबष्ट मिश्र, द्वितेंद्र मिश्रा, आलोक दुबे और संजय मित्तल सहित विभिन्न समाजों के नागरिक एवं मुस्लिम समाज के प्रमुखजन उपस्थित रहे।
जुलूस से मंच तक दिखी सामाजिक एकता
ईद मिलादुन्नबी के जुलूस से लेकर कला केंद्र मैदान में आयोजित सर्वधर्म सभा तक अंबिकापुर में धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता की तस्वीर देखने को मिली। विभिन्न समुदायों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि शहर की सामाजिक पहचान आपसी सम्मान, भाईचारे और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने से और मजबूत होती है।




