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टेट मुक्ति रैली में शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,

Priyanshu Ranjan

सूरजपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता से लेकर सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगति और पुरानी सेवा अवधि की गणना जैसे मुद्दों को लेकर सूरजपुर में शिक्षकों ने अपनी आवाज बुलंद की। शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में सोमवार, 25 अगस्त को जिला मुख्यालय में ‘टेट मुक्ति रैली’ निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।

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हाथों में मांगों से जुड़ी तख्तियां और नारे लगाते हुए शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे। रैली के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और संचालक के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर शीघ्र और ठोस निर्णय लेने की मांग की।

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TET की बाध्यता को लेकर सबसे ज्यादा चिंता

शिक्षक संघर्ष मोर्चा के अनुसार रैली का सबसे प्रमुख मुद्दा सेवारत शिक्षकों के लिए TET की बाध्यता रहा। संगठन का कहना है कि लंबे समय से विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के बीच TET को लेकर नौकरी और सेवा सुरक्षा संबंधी चिंता बनी हुई है।

शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि उनकी लंबी सेवा और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए TET के संबंध में स्पष्ट, व्यावहारिक और न्यायसंगत समाधान निकाला जाए। संगठन का कहना है कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे शिक्षकों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता को दूर किया जाना जरूरी है।

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पुरानी सेवा अवधि की गणना और वेतन विसंगति का मुद्दा

रैली में शिक्षकों ने पुरानी सेवा अवधि की गणना को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। शिक्षकों के मुताबिक लंबे समय तक सेवाएं देने के बावजूद पुरानी सेवा अवधि का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने से उनके आर्थिक और सेवा संबंधी हित प्रभावित हो रहे हैं।

इसके साथ ही शिक्षकों ने केंद्रीय वेतनमान के अनुरूप वेतन व्यवस्था और विभिन्न शिक्षक संवर्गों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की। उनका कहना है कि वेतन संबंधी विसंगतियों का समाधान शिक्षकों को आर्थिक राहत देने के साथ उनके मनोबल को भी मजबूत करेगा।

B.Ed ब्रिज कोर्स पर जल्द निर्णय की मांग

पांच सूत्रीय मांगों में B.Ed ब्रिज कोर्स का मुद्दा भी शामिल रहा। संगठन के अनुसार बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे समय से इस संबंध में शासन के स्पष्ट निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

शिक्षकों ने सरकार से इस मामले में प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

भर्ती-पदोन्नति नियम 2026 में बदलाव की मांग

शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2026 में मौजूद असंतुलन और विसंगतियों को दूर करने की मांग भी उठाई।

संगठन का कहना है कि शिक्षक संवर्ग से जुड़े नियम स्पष्ट, व्यावहारिक और न्यायसंगत होने चाहिए, ताकि भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया में अनावश्यक विवाद और असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो।

‘सिर्फ ज्ञापन नहीं, अब चाहिए ठोस निर्णय’

शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संचालक केदार जैन, वीरेंद्र दुबे एवं संजय शर्मा के आह्वान पर प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों में टेट मुक्ति रैली आयोजित की गई।

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सूरजपुर में जिला संचालक सचिन त्रिपाठी, यादवेंद्र दुबे एवं भूपेश सिंह ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से सेवा, सम्मान, वेतन और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल से भी सीधे जुड़ा है।

शिक्षकों ने कहा कि 25 अगस्त की रैली के जरिए शासन तक अपनी मांगें मजबूती से पहुंचाई गई हैं। अब उनकी अपेक्षा है कि पांच सूत्रीय मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध और सकारात्मक निर्णय ले।

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में शिक्षक लोकतांत्रिक और संगठित तरीके से अपनी आवाज आगे भी उठाते रहेंगे।

शिक्षकों की पांच प्रमुख मांगें

1. सेवारत शिक्षकों के लिए TET की बाध्यता से मुक्ति/व्यावहारिक समाधान।

2. पुरानी सेवा अवधि की गणना का लाभ।

3. वेतन विसंगतियों का निराकरण और केंद्रीय वेतनमान के अनुरूप वेतन व्यवस्था।

4. B.Ed ब्रिज कोर्स पर शीघ्र निर्णय।

5. भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2026 की विसंगतियों को दूर करना।

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