स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक भूलन सिंह मरावी भी बुलेट पर सवार होकर निकले; सड़क सुरक्षा सप्ताह में यातायात नियमों के पालन का दिया संदेश
सूरजपुर। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत सूरजपुर में आयोजित बाइक रैली में प्रदेश के दो मंत्रियों और एक विधायक की भागीदारी आकर्षण का केंद्र रही। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े हेलमेट पहनकर स्कूटी चलाती नजर आईं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी बुलेट पर सवार होकर रैली में शामिल हुए। तीनों जनप्रतिनिधियों ने आगे रहकर रैली का नेतृत्व किया और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
हेलमेट पहनकर स्कूटी चलाती दिखीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
रैली के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का हेलमेट पहनकर स्कूटी चलाना विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करता रहा। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक भूलन सिंह मरावी बुलेट पर सवार होकर रैली में आगे बढ़ते नजर आए। उनके पीछे सड़क सुरक्षा सप्ताह में शामिल अन्य प्रतिभागी रैली के रूप में आगे बढ़े।
जनप्रतिनिधियों की इस भागीदारी ने दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट के उपयोग और सुरक्षित वाहन संचालन के महत्व को रेखांकित किया।
सड़क सुरक्षा का संदेश व्यवहार से भी जरूरी
सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों से बचाव के लिए हेलमेट पहनना महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही वाहन चलाते समय नियंत्रित गति रखना, यातायात संकेतों का पालन करना और सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
जब जनप्रतिनिधि स्वयं जागरूकता अभियान में भाग लेते हैं, तो इससे आम नागरिकों तक सुरक्षा का संदेश पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सड़क सुरक्षा का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब लोग अभियान के बाद भी रोजमर्रा के जीवन में यातायात नियमों का पालन करें।
जागरूकता के साथ जिम्मेदार यातायात व्यवहार पर जोर
सड़क सुरक्षा सप्ताह का उद्देश्य लोगों को दुर्घटनाओं से बचाव और सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति जागरूक करना है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट का इस्तेमाल, तेज गति से बचना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करना और यातायात संकेतों का सम्मान करना बेहद आवश्यक है।
सूरजपुर में आयोजित इस रैली में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक भूलन सिंह मरावी की सहभागिता ने अभियान को प्रमुखता दी। अब इस जागरूकता संदेश की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आम नागरिक भी सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा को अपनी आदत बनाएं।