रात में पेट में मरोड़ की शिकायत के बाद परिजनों ने देखा सांप के डसने का निशान, कमरे में मिला करैत; मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही तोड़ा दम
अंबिकापुर, 12 सितंबर 2026। सरगुजा जिले के बतौली क्षेत्र में सर्पदंश की एक दर्दनाक घटना में 48 वर्षीय महिला सरपंच जगरमती पैंकरा की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात करीब 2:30 बजे जमीन पर सोते समय करैत सांप ने उनके पेट में डस लिया। घटना का पता तब चला, जब नींद खुलने के बाद उन्होंने पेट में मरोड़ होने की शिकायत की। परिजनों ने जब मालिश की, तो पेट पर सांप के डसने के निशान दिखाई दिए।
इसके बाद कमरे की तलाशी लेने पर वहीं करैत सांप पड़ा मिला, जिसके बाद परिजन तत्काल महिला सरपंच को उपचार के लिए अस्पताल लेकर रवाना हुए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया, लेकिन वहां इलाज शुरू होते ही उनकी मौत हो गई।
मेहमानों के लिए छोड़ दिया था पलंग, जमीन पर सोईं सरपंच
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बतौली की सरपंच जगरमती पैंकरा, पति विशुन पैंकरा के घर 10 सितंबर को मेहमान आए थे। रात में भोजन करने के बाद परिवार के सदस्य और मेहमान सोने चले गए।
मेहमानों के लिए जगरमती ने अपना पलंग छोड़ दिया और खुद कमरे में जमीन पर सो गईं। रात करीब ढाई बजे अचानक उनकी नींद खुली और उन्हें उल्टियां होने लगीं। पति और परिजनों ने जब कारण पूछा तो उन्होंने पेट में मरोड़ होने की बात कही।
परिजनों को शुरुआत में सामान्य पेट दर्द होने का अंदेशा था। इसी वजह से घर की महिला सदस्यों ने पेट की मालिश शुरू की। इसी दौरान पेट पर सांप के डसने के निशान दिखाई दिए।
कमरे में ही पड़ा था करैत सांप
डसने के निशान मिलने के बाद परिजनों ने कमरे में खोजबीन शुरू की। तलाशी के दौरान उन्हें कमरे में ही करैत सांप पड़ा हुआ मिला। सांप को देखते ही परिजनों को घटना की पूरी जानकारी हुई और उन्होंने उसे एक टब से ढक दिया।
इसके बाद बिना देर किए महिला सरपंच को शांतिपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही बिगड़ी हालत
शांतिपारा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जगरमती पैंकरा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से उन्हें रात में ही अंबिकापुर लेकर पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार शुरू किया गया और एंटी स्नेक वेनम भी दिया गया, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक तब तक जहर शरीर में काफी फैल चुका था। उपचार के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा
बारिश के मौसम में सरगुजा संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस वर्ष भी संभाग में बड़ी संख्या में लोग सर्पदंश का शिकार हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन पर सोने और रात में पर्याप्त रोशनी के अभाव जैसी परिस्थितियां भी जोखिम बढ़ा देती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने की आशंका होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना बेहद जरूरी है। समय पर उपचार मिलने से सर्पदंश के मामलों में जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।