रायपुर, 20 अगस्त 2026।
छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने और त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को प्रदेश के सभी 33 जिलों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में जिला प्रशासन के नेतृत्व में यह अभ्यास संपन्न हुआ। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों की गतिविधियों की निगरानी की गई।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित विभिन्न विभागों ने किया समन्वय का अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ की विभिन्न संभावित परिस्थितियां निर्मित कर राहत एवं बचाव व्यवस्था को परखा गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना और अग्निशमन सेवाओं के साथ राजस्व, जल संसाधन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पशुपालन एवं दूरसंचार विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और समन्वय की गति का परीक्षण किया गया।
पूर्व चेतावनी से राहत शिविरों तक की व्यवस्था का रिहर्सल
अभ्यास के दौरान बाढ़ की पूर्व चेतावनी जारी करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर संचालित करने, बचाव नौकाओं एवं अन्य संसाधनों की तैनाती तथा मेडिकल टीमों की व्यवस्था का रिहर्सल किया गया। जिला स्तर पर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और मैदानी अमले की प्रतिक्रिया को भी परखा गया।
आपदा प्रबंधन में सामने आने वाले गैप्स को दूर करने पर जोर
मॉक ड्रिल का प्रमुख उद्देश्य आपदा के दौरान सूचना में देरी, संसाधनों की कमी अथवा विभागों के बीच समन्वय में संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करना रहा। आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अधिकारियों ने रायपुर जिले में आयोजित अभ्यास का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
राज्य स्तरीय टेबल-टॉप एवं व्यावहारिक मॉक ड्रिल में एनडीएमए नई दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार श्री रविंद्र गुरुंग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के डॉ. जीवन कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव श्री गजेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।




