राज्य सरकार के प्रतिबंध के 48 घंटे के भीतर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई, राजहंस ट्रेवल्स की बस से एनालॉग पनीर जब्त,
अंबिकापुर, 03 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एनालॉग पनीर और अमानकीकृत डेयरी एनालॉग उत्पादों पर प्रतिबंध लगाए जाने के महज दो दिन बाद सरगुजा जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित श्रेणी का एनालॉग पनीर जब्त किया है। रविवार तड़के अंबिकापुर के नए बस स्टैंड पर चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान राजहंस ट्रेवल्स की एक बस से प्रतिबंधित पनीर बरामद किया गया। मामले में अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार राज्य शासन ने 31 जुलाई 2026 को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत पूरे छत्तीसगढ़ में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) और अन्य भ्रामक डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसके बाद सरगुजा जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया।
सुबह 5 बजे बस स्टैंड पर चली जांच
रविवार सुबह करीब 5 बजे खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अंबिकापुर के नए बस स्टैंड पर बसों और अन्य वाहनों की सघन जांच की। जांच के दौरान राजहंस ट्रेवल्स की बस (CG 15 EC 0828) से प्रतिबंधित श्रेणी का एनालॉग पनीर परिवहन करते हुए पकड़ा गया। टीम ने पूरी खेप जब्त कर संबंधित प्रकरण दर्ज किया और सप्लाई चेन की जांच शुरू कर दी है।
अब जिले की सीमाओं पर भी रहेगी कड़ी निगरानी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल बस स्टैंड तक सीमित नहीं रहेगा। जिले की सीमाओं, प्रमुख प्रवेश मार्गों, बसों, मालवाहक वाहनों और अन्य परिवहन साधनों की नियमित एवं आकस्मिक जांच की जाएगी, ताकि प्रतिबंधित डेयरी उत्पादों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को सख्त चेतावनी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने डेयरी उत्पादों के थोक एवं खुदरा कारोबारियों को निर्देश जारी किए हैं कि बिना वैध स्रोत, खरीद बिल और आपूर्तिकर्ता की जानकारी के किसी भी पनीर या दुग्ध उत्पाद की खरीद-बिक्री न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बस संचालकों और ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को भी चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के परिवहन में सहयोग करने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दायरे में कई अहम सवाल
इस कार्रवाई के बाद अब कई महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आ रहे हैं—
- जब्त किए गए एनालॉग पनीर की कुल मात्रा कितनी थी?
- यह खेप किस स्थान से लाई जा रही थी और इसकी अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी?
- क्या यह पहली खेप थी या पहले भी इसी तरह परिवहन होता रहा?
- जिले के होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड सेंटरों में उपयोग हो रहे संदिग्ध पनीर की जांच कब होगी?
- क्या प्रशासन परिवहन के साथ-साथ पूरे सप्लाई नेटवर्क और अंतिम उपयोगकर्ताओं तक भी कार्रवाई करेगा?
जनता से सहयोग की अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं प्रतिबंधित या संदिग्ध एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, परिवहन अथवा बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ जनसहयोग भी अत्यंत आवश्यक है।