सर्राफा कारोबारियों ने आईजी सरगुजा को ज्ञापन देकर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग,
अंबिकापुर । सीतापुर में दिनदहाड़े करीब एक करोड़ रुपए के सोने- चांदी के जेवरात से भरा बैग पार होने की घटना ने केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि पूरे सर्राफा कारोबार को चिंता में डाल दिया है। वारदात के दूसरे दिन भी आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। घटना के बाद जहां पुलिस की कई टीमें लगातार जांच में जुटी हैं, वहीं सर्राफा कारोबारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
रविवार सुबह सीतापुर निवासी अरुण देव सोनी अपनी ज्वेलरी दुकान खोलने पहुंचे थे। स्कूटी में रखा सोने- चांदी के जेवरात से भरा बैग शटर खोलने के दौरान अज्ञात बदमाश लेकर फरार हो गए। दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में एक युवक बैग लेकर जाता दिखाई दिया है। कुछ दूरी पर उसका साथी बाइक के साथ इंतजार कर रहा था। दोनों वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। चोरी गए जेवरात की कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई गई है।
घटना के बाद पुलिस ने जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया है। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की सात से आठ टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर काम कर रही हैं। अब तक करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। पुलिस अंतरराज्यीय गिरोहों की गतिविधियों को भी खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ सक्रिय गिरोहों के एंगल पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
सर्राफा एसोसिएशन ने आईजी को सौंपा ज्ञापन :
इस बीच घटना को लेकर सर्राफा कारोबारियों में नाराजगी बढ़ गई है। सोमवार को छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन (सरगुजा संभाग) और अंबिकापुर सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आईजी दीपक झा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हुई इतनी बड़ी वारदात ने व्यापारियों का भरोसा डगमगा दिया है।
ज्ञापन में पूर्व में रामानुजगंज की सर्राफा चोरी के सफल खुलासे का उल्लेख करते हुए सीतापुर मामले में भी विशेष टीम बनाकर जल्द बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई।
घटना के बाद सरगुजा पुलिस भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों ने बैंक, एटीएम, ज्वेलर्स दुकानों और अन्य वित्तीय संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।
पुलिस ने संचालकों को उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने, सुरक्षा गार्ड तैनात करने, आपातकालीन अलार्म सिस्टम लगाने तथा संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के निर्देश दिए। साथ ही बैंक और ज्वेलर्स प्रतिष्ठानों के आसपास गश्त बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग टीमों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
सीतापुर की इस वारदात ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बड़ी नकदी और कीमती जेवरों के कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। फिलहाल व्यापारियों की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं और उन्हें उम्मीद है कि आरोपी जल्द गिरफ्त में होंगे तथा चोरी गए जेवरात बरामद किए जा सकेंगे।