सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब घायलों को अस्पताल पहुंचाने पहुंची डायल-112 की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया।
गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस आरक्षक और वाहन चालक को लात-घूंसों और चप्पलों से बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात बैकोना गांव के चार युवक एक ही बाइक पर सवार होकर शादी समारोह में शामिल होने खजूरी जा रहे थे।
इसी दौरान प्रतापपुर- सेमरसोत मार्ग पर सड़क किनारे खड़े मक्का लोड ट्रक से उनकी बाइक पीछे से टकरा गई।
हादसा इतना भीषण था कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले प्रतापपुर अस्पताल और बाद में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
हादसे की सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दो घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जब टीम दोबारा अन्य घायलों को लेने लौटी, तब तक बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो चुके थे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की चेकिंग और ट्रक को सड़क पर रोकने के कारण हादसा हुआ। इसी बात को लेकर उन्होंने आरक्षक नीतेश टोप्पो और चालक पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि दोनों घायल होकर बेहोश हो गए।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में भी आग लगा दी। आग से ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह जल गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आग पर काबू पाया।
प्रतापपुर एसडीओपी अनूप एक्का ने बताया कि डायल- 112 टीम पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। मामले में चार नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही है।