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विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल सूरजपुर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर संपन्न, कलेक्टर रैना जमील ने स्वयं रक्तदान कर लोगो को किया प्रेरित

Priyanshu Ranjan

सूरजपुर । विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल सूरजपुर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला सूरजपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, कलेक्टर रेना जमील, रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर रेना जमील सहित अनेक लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज को प्रेरक संदेश दिया।

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कलेक्टर रेना जमील ने स्वयं रक्तदान कर दिया प्रेरक संदेश

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विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल सूरजपुर में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में कलेक्टर रेना जमील ने स्वयं रक्तदान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। कलेक्टर ने लोगों से रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।

उनका कहना था कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। कलेक्टर के रक्तदान करने से शिविर में उपस्थित लोगों में भी उत्साह का माहौल बना और अनेक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा के इस अभियान में अपनी सहभागिता निभाई।

ब्लड बैंक में क्षमता 500 यूनिट, उपलब्ध मात्र 30 यूनिट रक्त

इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी जिला सूरजपुर के चेयरमैन बाबूलाल अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में वर्तमान में लगभग 30 यूनिट रक्त उपलब्ध है, जबकि इसकी भंडारण क्षमता 500 यूनिट है। उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि समाज में अब भी रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।

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29 बार रक्तदान कर बने प्रेरणा स्रोत : महेश कुमार दोहरे

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विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रामानुजनगर विकासखंड के नगर पंचायत शिवनंदनपुर निवासी एवं हाई स्कूल कोट के प्राचार्य महेश कुमार दोहरे की प्रेरणादायक कहानी भी चर्चा का विषय रही, महेश कुमार दोहरे ने वर्ष 1996 में 24 वर्ष की आयु में एक गर्भवती महिला की जान बचाने के लिए पहली बार रक्तदान किया था। इसके बाद उन्होंने इसे जीवन का मिशन बना लिया। आज 55 वर्ष की आयु में भी वे पूरी तरह स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान हैं। वे नियमित रूप से मैराथन में भाग लेते हैं तथा प्रतिदिन 4 से 5 किलोमीटर दौड़ते हैं। अब तक वे 29 बार रक्तदान कर चुके हैं और अनेक जरूरतमंद लोगों के जीवन में उम्मीद की किरण बन चुके हैं।

महेश कुमार दोहरे का कहना है कि रक्तदान केवल रक्त देना नहीं, बल्कि किसी परिवार को जीवन की खुशियां लौटाना है। उनका मानना है कि यदि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रक्तदान का संकल्प ले, तो रक्त की कमी के कारण किसी भी मरीज की जान नहीं जाएगी।

रक्तदान को लेकर डर नहीं, जागरूकता जरूरी : विधायक मरावी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और लोगों को इसे लेकर किसी प्रकार का भय नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली और रासायनिक खाद्य पदार्थों के बढ़ते उपयोग का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में जैविक खेती, पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य और स्वस्थ रक्त का निर्माण किया जा सकता है।

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उन्होंने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए रक्तदाताओं के योगदान को मानव सेवा का श्रेष्ठ उदाहरण बताया।

मानवता और सेवा का सशक्त संदेश

कार्यक्रम के दौरान रक्तदान करने वाले तथा रक्तदान जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित यह शिविर न केवल रक्त संग्रह का माध्यम बना, बल्कि समाज में मानवता, सेवा और परोपकार की भावना को मजबूत करने वाला प्रेरक आयोजन भी साबित हुआ।

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