सूरजपुर । मानवता, सहयोग और शिक्षक एकजुटता की मिसाल बन चुकी संयुक्त संवेदना समिति सूरजपुर ने एक बार फिर अपने संवेदनशील दायित्व का परिचय देते हुए दिवंगत शिक्षक परिवार के प्रति सहानुभूति और सहयोग की मिसाल पेश की।
शासकीय प्राथमिक शाला हरिजनपारा तेलाईमुडा, विकासखंड रामानुजनगर में पदस्थ सहायक शिक्षक हरमेन राकेश मिंज के आकस्मिक निधन के बाद समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक साथी उनके निवास केशवपुर विश्रामपुर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उपस्थित शिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
वातावरण पूरी तरह भावुक हो उठा जब संयुक्त संवेदना समिति की ओर से दिवंगत शिक्षक की धर्मपत्नी श्रीमती सलोमी लकड़ा को एक लाख रुपये की संवेदना सहायता राशि प्रदान की गई।
भावुक हुआ परिवार,नम हुई शिक्षकों की आंखें
जिलेभर के शिक्षकों द्वारा अपने साथी शिक्षक के परिवार के प्रति दिखाई गई आत्मीयता, सहयोग और संवेदना को देखकर पूरा परिवार भावुक हो उठा। सहायता राशि सौंपने पहुंचे कई शिक्षक साथी भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके। उपस्थित लोगों ने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि शिक्षक परिवार की एकजुटता, आत्मीयता और मानवीय संवेदना का प्रतीक है।
बड़ी संख्या में शिक्षक रहे उपस्थित
इस अवसर पर समिति की सदस्य ममता मंडल, इंदुमती सोनवानी, सोमा घोष, सुमित्रा गुप्ता, ललमेन टोप्पो, ग्लोरिया कुजूर, रंजीता सांडिल्य, विद्यावती सिंह, उषा बेला खाखा, श्यामपति, भावना कुर्म सहित कार्यकारी जिलाध्यक्ष गिरवर यादव, राकेश शुक्ला, भुवनेश्वर सिंह, मनोज कुशवाहा, आशीष यादव, कार्तिक दुबे, आशीष त्रिपाठी, सतीष साहू, प्रमोद साहू, खेलसाय पोर्ट, अनिल साहू, नेल्सन बेक एवं बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।
वर्ष 2021 में शुरू हुई थी संवेदना योजना
समिति के ब्लॉक अध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी एवं राधेश्याम साहू ने बताया कि वर्ष 2018 में शिक्षाकर्मियों के शिक्षक पद पर संविलयन के बाद कई शिक्षकों पर पारिवारिक और आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ी हैं। ऐसी स्थिति में किसी शिक्षक की असामयिक मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक और मानसिक संकट का सामना करना पड़ता है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त शिक्षक संघ सूरजपुर के जिलाध्यक्ष सचिन त्रिपाठी की पहल पर वर्ष 2021 में संयुक्त संवेदना योजना प्रारंभ की गई थी।
मात्र 500 रुपये में जुड़ते हैं शिक्षक
समिति ने बताया कि इस योजना में शिक्षक मात्र 500 रुपये वार्षिक सदस्यता शुल्क देकर सदस्य बनते हैं। समिति से जुड़े किसी सदस्य शिक्षक के निधन की स्थिति में उसके परिवार को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, साथ ही लंबित सेवा लाभों के निराकरण और आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने में भी सहयोग किया जाता है।
अब तक 29 परिवारों को मिली सहायता
संयुक्त संवेदना समिति ने वर्ष 2021 से अब तक 29 दिवंगत शिक्षक परिवारों को सहायता राशि प्रदान की है।वर्तमान समय में जिले के 2500 से अधिक शिक्षक इस पुनीत अभियान से जुड़े हुए हैं।समिति द्वारा वर्ष 2026 के लिए सदस्यता अभियान भी चलाया जा रहा है और जिले के सभी शिक्षकों से इस मानवीय पहल में सहभागी बनने की अपील की गई है।