भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम। रॉयल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज में स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मॉर्निंग स्टार ग्रुप ऑफ स्कूल के डायरेक्टर श्री कार्ल वार्ड, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के श्री अनुराग लोखंडे एवं श्री श्याम कुमार लालवानी ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
युवाओं को स्वयं पर विश्वास करना होगा: डॉ. चांदनीवाला
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला ने कहा, “स्वामी विवेकानंद अंधविश्वास के घोर विरोधी थे। वे चाहते थे कि युवा स्वयं पर विश्वास करें। आज के समय में समाज में जो भी सकारात्मक परिवर्तन आना है, वह युवाओं के माध्यम से ही संभव है।” उन्होंने आह्वान किया कि युवाओं को अपने मस्तिष्क के साथ-साथ हृदय और शारीरिक क्षमताओं का शत-प्रतिशत उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए। उन्होंने स्वामी जी के साहित्य को पढ़ने की प्रेरणा देते हुए भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने का स्वप्न साकार करने पर जोर दिया।
डिग्री के साथ कौशल भी जरूरी: श्री कार्ल वार्ड
विशिष्ट अतिथि श्री कार्ल वार्ड ने स्वामी जी के दर्शन—वेदों का ज्ञान, शांति और सह-अस्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कौशल विकास(Skill Development) पर जोर देते हुए कहा कि केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को अपने व्यक्तित्व को निखारने और समय का सदुपयोग करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर रॉयल कॉलेज से डॉ. आर.के. अरोरा (शिक्षा संकाय), डॉ. अमित शर्मा (वाणिज्य संकाय), डॉ. कल्पना पाटीदार (फार्मेसी संकाय), नितेश भारद्वाज (नर्सिंग संकाय) सहित समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।संचालन डॉ. संदीप सिद्ध द्वारा किया गया आभार प्रदर्शन छात्र पीयूष देवड़ा ने किया।

