Skip to main content

AAJ24

[state_mirror_header]

गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव: केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के निर्णयों से रियल एस्टेट सेक्टर को राहत,,,

Priyanshu Ranjan

रायपुर, 08 दिसंबर 2025। प्रदेश में गाइडलाइन दरों एवं उपबंधों के पुनरीक्षण को लेकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। सुझावों, ज्ञापनों और प्रस्तावों के व्यापक परीक्षण के बाद बोर्ड ने कई अहम निर्णय लिए, जो तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इन बदलावों से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता, स्थिरता और किफायती आवास के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

- Advertisement -

बैठक में नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों के मूल्यांकन की वर्तमान इंक्रीमेंटल आधार प्रणाली को समाप्त कर दिया गया। इसके स्थान पर पुनः पूर्व प्रचलित स्लैब प्रणाली लागू होगी—नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन होगा। इससे प्रक्रिया सरल होने के साथ साथ जमीन के मूल्यांकन में एकरूपता भी आएगी।

- Advertisement -

बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान और कार्यालयों के अंतरण में सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन का प्रावधान भी समाप्त किया गया है। अब केवल बिल्ट-अप एरिया के आधार पर ही बाजार मूल्य का निर्धारण होगा। लंबे समय से लंबित यह मांग पूरी होने से वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा और शहरी भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा।

बोर्ड ने बहुमंजिला भवनों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों के लिए मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान भी लागू किए हैं। अब बेसमेंट और प्रथम तल पर 10% तथा द्वितीय तल और उससे ऊपर के तल पर 20% की कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। यह कदम मध्यम वर्ग को किफायती दरों में आवास और व्यावसायिक स्थान उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

See also  शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में मुख्य मार्ग से 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के मूल्यांकन पर भी राहत दी गई है। ऐसी संपत्तियों के लिए भूखंड दरों में 25% की कमी लागू की जाएगी। 20 मीटर की दूरी का आकलन मुख्य सड़क की ओर निर्मित हिस्से से किया जाएगा ताकि वास्तविक स्थिति के अनुरूप न्यायसंगत मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके।

साथ ही, जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देशित किया गया है कि हाल में हुई दर वृद्धि पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा कर 31 दिसंबर तक संशोधित प्रस्ताव भेजें। बोर्ड इन प्रस्तावों का विश्लेषण कर आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा।

नए प्रावधानों के लागू होने से राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में संतुलन, पारदर्शिता और विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

Share This Article