भरत शर्मा की रिपोर्ट

उज्जैन।देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों को नमन करने हेतु 14 फरवरी 2026, शनिवार को उज्जैन में शहीद दिवस अत्यंत गरिमा, श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के भावों के साथ मनाया जाएगा। पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर शहीद हुए 40 अमर जवानों की स्मृति में विशाल श्रद्धांजलि सभा एवं भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर 1965 एवं 1971 के ऐतिहासिक भारत–पाक युद्धों में अदम्य साहस का परिचय देने वाले पूर्व सैनिक श्री बने सिंह जादौन सहित 21 पूर्व आर्मी अधिकारियों का सम्मान समारोह भी आयोजित होगा।

कार्यक्रम का आयोजन मप्र युवा शिव सेना गौ रक्षा न्यास, सर्व कल्याण बजरंग दल एवं श्री रूप सिंह दरबार बामनिया बंजारा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का सामूहिक संकल्प है।
तिरंगा यात्रा दोपहर शहीद पार्क उज्जैन से प्रारंभ होकर टॉवर चौक, ओवरब्रिज, चामुंडा माता मंदिर, कोयला फाटक होते हुए चरक अस्पताल के सामने सामाजिक न्याय परिषद में संपन्न होगी। यात्रा के दौरान देशभक्ति नारों, हाथों में लहराते तिरंगे और शहीदों की तस्वीरों के साथ नागरिक वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
कार्यक्रम संयोजक मनीष सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2019 से निरंतर प्रत्येक वर्ष यह आयोजन किया जा रहा है, ताकि देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों की स्मृति सदैव जीवित रहे। उन्होंने कहा कि पुलवामा के शहीद केवल एक घटना नहीं, बल्कि भारत माता के ऐसे सपूत हैं जिनकी कुर्बानी आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देती रहेगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान पुलवामा हमले में शहीद 40 वीर जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी तथा युद्धवीरों को शाल, श्रीफल से सम्मान प्कर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह उन सैनिकों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक होगा, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा की।1965 एवं 1971 के युद्धों में भाग ले चुके पूर्व सैनिक श्री बने सिंह जादौन का सम्मान विशेष आकर्षण रहेगा। उनके साथ 21 पूर्व आर्मी अधिकारियों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय सेना की वीरता को समर्पित है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता रहेगी। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन समाज को यह संदेश देता है कि देश की सुरक्षा केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
तैयारी में मुख्य रूप से श्रीमती हेमलता तोमर, मुरली निगम, राहुल मौणावट, राजकुमार झंझोट, मुकेश कुमावत, राहुल जाट, विश्वास सिंह चौहान, हरि माली, कैलाश चावड़ा, देवराम जाट, दिनेश दादा कर, गिरधारी खींची, हरीश राठौर, नितेश पटेल, सुशील बर्मन, राजेश देसाई, विशाल नगर, फुलु कदम पहलवान, कृष्णपाल सिंह, सब्बू तिवारी, कमल सिंह दरबार, धारा सिंह चौहान, भानु ठाकुर, बने सिंह माली, पप्पू नाथ मकवाना, राजेश पांचाल, मुकेश कुशवाह, विकास गोयल, अंतर सिंह कुशवाहा, जीवन सिंह बादल, मनीष बैरागी, भैरू सिंह मालवी, अशोक रैकवार, पवन बरोलिया, लोकेंद्र सिंह, राहुल चावड़ा, शुभम चौधरी, योगेश मराठा, पदम चौहान, अनिल धरमवीर, अजय माली सहित अनेक कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
आयोजकों ने उज्जैनवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर तिरंगा यात्रा में भाग लें और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। यह आयोजन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब पूरा समाज एक स्वर में शहीदों को नमन करता है, तभी राष्ट्र की आत्मा मजबूत होती है। पुलवामा के वीर जवानों की शहादत हमें यह सिखाती है कि स्वतंत्रता और सुरक्षा का मूल्य बलिदान से चुकाया जाता है। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा, ताकि वे भी देशसेवा के मार्ग पर अग्रसर हों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।



