बटालियन ने आत्महत्या बताया, परिजनों ने जताई हत्या या साजिश की आशंका; पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को ₹1 करोड़ सहायता की मांग
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 6वीं वाहिनी में पदस्थ जवान विजेंद्र ठाकुर (सी-574) की बीजापुर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला गरमा गया है। 30 सितंबर 2026 को जवान की मौत के बाद शव जब देवनगर स्थित उनके गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने देवनगर मुख्य मार्ग पर जवान का शव रखकर कई घंटे प्रदर्शन किया और घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
- बटालियन ने आत्महत्या बताया, परिजनों ने जताई हत्या या साजिश की आशंका; पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को ₹1 करोड़ सहायता की मांग
- आत्महत्या की बात पर परिजनों के सवाल, बोले- हर पहलू की हो जांच
- SIT गठन और समयबद्ध जांच की मांग
- ₹1 करोड़ आर्थिक सहायता और शहीद का दर्जा देने की मांग
- पत्नी को सरकारी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग
- शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन, मौके पर पहुंचा प्रशासन
- ग्रामीणों ने तिरंगे में लपेटकर दी जवान को अंतिम विदाई
- अब जांच की कार्रवाई पर टिकी परिजनों की नजर
बटालियन स्तर पर जवान की मौत को गोली लगने से हुई आत्महत्या बताया गया है, लेकिन परिजनों ने इस निष्कर्ष को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। परिवार ने हत्या अथवा किसी साजिश की आशंका जताते हुए घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आत्महत्या की बात पर परिजनों के सवाल, बोले- हर पहलू की हो जांच
परिजनों का कहना है कि जवान की मौत को सीधे आत्महत्या मान लेना कई सवालों को अनुत्तरित छोड़ देता है। परिवार चाहता है कि घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि शव गांव लाए जाने के दौरान विभाग की ओर से किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी नहीं थी। उनका कहना है कि जवान की मौत जैसी गंभीर घटना में परिवार को पूरे घटनाक्रम और जांच की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
SIT गठन और समयबद्ध जांच की मांग
परिजनों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच करने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।
₹1 करोड़ आर्थिक सहायता और शहीद का दर्जा देने की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने जवान विजेंद्र ठाकुर को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। इसके साथ ही परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी गई है।
परिजनों का कहना है कि जवान परिवार का महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा था। उसकी मृत्यु के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में शासन से तत्काल आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
पत्नी को सरकारी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग
ज्ञापन में जवान की पत्नी सरिता ठाकुर को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च शासन द्वारा उठाने की मांग की गई है।
परिजनों का कहना है कि जवान की मौत के बाद बच्चों के भविष्य और परिवार की आर्थिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है। इसलिए शासन को तत्काल राहत के साथ दीर्घकालीन सहायता की व्यवस्था करनी चाहिए।
शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन, मौके पर पहुंचा प्रशासन
जवान का शव गांव पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण देवनगर मुख्य मार्ग पर एकत्र हो गए। शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किए जाने से मार्ग पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और परिजनों से बातचीत की तथा उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपने पर सहमत हुए। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
ग्रामीणों ने तिरंगे में लपेटकर दी जवान को अंतिम विदाई
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने जवान विजेंद्र ठाकुर को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने स्वयं जवान के शव को तिरंगे में लपेटकर सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली।
गांव में जवान की मौत से शोक का माहौल रहा। वहीं, मौत की परिस्थितियों को लेकर परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के कारण निष्पक्ष जांच की मांग भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।
अब जांच की कार्रवाई पर टिकी परिजनों की नजर
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मृत जवान की पत्नी सरिता ठाकुर सहित लालजी ठाकुर, नरेंश राजवाड़े, पंकज तिवारी, दीपक गुप्ता, विवेक गुप्ता, अध्ययन सिंह, अनिल यादव, विष्णुचरण सिंह, निकेश गुप्ता, विजय कुमार, अनिलेश यादव, बाबूलाल प्रजापति, हरिचरण यादव, हरिराम राजवाड़े और रूद्रानंद ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर बताए गए हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार फरसेगढ़ पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। अब परिजनों और ग्रामीणों की नजर जांच की आगे की कार्रवाई पर है।
परिवार की मुख्य मांग है कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाए कि विजेंद्र ठाकुर की मौत वास्तव में किन kl परिस्थितियों में हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने नहीं आतीं, तब तक घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है।