भरत शर्मा की रिपोर्ट
युवाम का दुनिया में दूसरा उदाहरण नहीं
रतलाम,युवा स्वार्थी बनेगा तभी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकेगा । अपने समय श्रम और उर्जा का उपयोग करियर निर्माण में करेगा , तो अपनों की सेवा कर सकेगा और सपनों का मेवा खा सकेगा । यह बात युवाम संचालक पारस दादा ने युवाम द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में कही ।
पारस दादा ने विद्यार्थियों से कहा कि तुम्हारे माता-पिता ने अपने सुख त्यागें , रिश्ते नाते समेटे , इच्छाओं का अंत किया तब तुम यहां पहुंचे हो । बाप बूढ़ा हो जाता है , एक बच्चे को जवान करने में । परिवार की खुशहाली के लिए खुद का सृजन करें ।
युवाम श्री संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरलीधर आवतानी ने विद्यार्थियों से कहा कि संघर्ष को सफलता की सीढ़ी माने , क्योंकि संघर्ष में ही सफलता के फूल खिलते हैं ।
जावरा युवाम के सह संचालक सलाउद्दीन सर ने कहा युवाम ने जो किया है , शायद अब कोई ऐसा कर भी नहीं पाएगा । 45 साल में एक लाख से ज्यादा को रोजगार से लगाने के मिशन का दुनिया में दूसरा उदाहरण नहीं मिलेगा । इस अवसर पर देवानंद खत्री , अभय जैन, धर्मेंद्र मंडवारिया , रमेश रावत , पीयूष चौधरी , कमल सोलंकी , ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।
समारोह के दौरान वेदिका गौड , राधिका, ममता सोलंकी , हेमंत गौड , ने राष्ट्रभक्ति के गीत और भजन प्रस्तुत किये । अंत में विद्यार्थियों ने इस बात की शपथ ली कि अपने समय, श्रम और ऊर्जा का उपयोग करियर के निर्माण में ही करेंगे ।
इस अवसर पर सौरभ सर , शिवम सर, सुमित सर, पंकज केवलरमानी आदि भी उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन युवाम रतलाम के संचालक धर्मेंद्र मंडवारिया तथा आभार व्यवस्थापक रमेश रावत ने किया ।