भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम6 मार्च मध्य प्रदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से कथित संबंधों के चलते केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त करने की मांग लेकर गुरुवार को महिला कांग्रेस कमेटी की प्रदेश महासचिव यास्मीन शेरानी के नेतृत्व में शहर महिला कांग्रेस एवं विभिन्न मोर्चा संगठनों द्वारा राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा

ज्ञापन का वाचन करते हुए शेरानी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से कथित संबंधों के चलते मंत्री नैतिक रूप से अपने पद पर बने रहने के अधिकारी नहीं हैं। गंभीर आरोपों का उल्लेख ज्ञापन में दावा किया गया कि जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री का नाम सामने आया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014-15 के दौरान कथित रूप से 64 ईमेल का आदान-प्रदान हुआ तथा भारत में एपस्टीन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संपर्क रहा। महिला कांग्रेस ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए।
“देश की महिलाओं का अपमान”
यास्मीन शेरानी ने अपने संबोधन में कहा कि एक ओर भाजपा ‘चाल, चरित्र और चेहरे’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर गंभीर आरोपों से घिरे मंत्री पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से देश की महिलाओं की गरिमा आहत होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा एवं प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी के मार्गदर्शन में यह मांग उठाई गई है कि नैतिक आधार पर संबंधित मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की अपील ज्ञापन में राष्ट्रपति से भारतीय संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की मर्यादा बनाए रखने की अपील की गई। महिलाओं ने एकजुट होकर कहा कि गंभीर आरोपों की स्थिति में मंत्री को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
ये थे उपस्थित
इस दौरान नगर निगम कांग्रेस पार्षद कविता महावर,आशा रावत,नीलोफर खान,मीनाक्षी सेन,मनीषा व्यास,
केसरबाई, पूर्व पार्षद नजमा बेलूत सहित याहैदा बी,रुखसाना मजहर खान,राधा प्रजापत,शबनम खान,मुमताज खान,सलमा खान,रेखा,गायत्री,तबस्सुम बी शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा सहित कांग्रेस के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताजन भी उपस्थित रहे महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो भविष्य में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।



