भरत शर्मा की रिपोर्ट
रतलाम, 8 जनवरी । अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पदाधिकारियों ने 1 जनवरी 2026 से दूध की कीमतों में की गई वृद्धि के विरोध में आज कलेक्टर से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से दूध की कीमतों में की गई वृद्धि को आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई।
ग्राहक पंचायत द्वारा ज्ञापन में बताया गया कि रतलाम जिले में इस वर्ष मानसून के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा हुई है, जिससे वर्तमान में हरे चारे एवं पशु आहार की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद चारे के दाम बढ़ने का हवाला देकर दूध की कीमतों में वृद्धि किया जाना अनुचित है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि रतलाम शहर में फैट आधारित दूध का वितरण नहीं किया जा रहा है तथा कई स्थानों पर उपभोक्ताओं से पूर्ण राशि वसूलने के बावजूद अमानक स्तर का दूध वितरित किया जा रहा है। ग्राहक पंचायत ने इन गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाने तथा दूध की कीमतों में की जाने वाली किसी भी वृद्धि से पहले उपभोक्ताओं को विश्वास में लेने की मांग की है।
कलेक्टर के निर्देशानुसार ज्ञापन सौंपने के पश्चात अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पदाधिकारियों ने उप संचालक पशु एवं डेयरी विभाग डॉ. नवीन शुक्ला से भी मुलाकात कर दूध मूल्य वृद्धि रोकने के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान डॉ. शुक्ला ने शीघ्र ही इस विषय में सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के मालवा प्रांत उपाध्यक्ष अनुराग लोखंडे सहित चैतन्य शर्मा, विजय शर्मा, सत्येंद्र जोशी, कमलेश मोदी, संजीव राव, डॉ. प्रदीप जैन, चरण सिंह पवार, कमरुद्दीन मुगल एवं सरवन सिंह उपस्थित रहे।

