Skip to main content

AAJ24

[state_mirror_header]

रायपुर : विशेष लेख : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में संवेदनशील शासन, पारदर्शी व्यवस्था और जनभागीदारी से मजबूत हो रहा जनता का विश्वास

Priyanshu Ranjan

सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की पहल से साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

रायपुर, 17 अक्टूबर 2026

- Advertisement -

लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता का विश्वास है और सुशासन उस विश्वास को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम। जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, समस्याओं का समयबद्ध समाधान होता है और आम नागरिक को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ता, तभी सुशासन की अवधारणा सार्थक होती है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसी भावना के अनुरूप संवेदनशील, पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन को प्राथमिकता दी जा रही है।

- Advertisement -

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास‘ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। शासन की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, सुलभ और जवाबदेह बनाने के प्रयासों से प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद तथा विश्वास का नया वातावरण विकसित हो रहा है।

सुशासन की पहली शर्त है कि आम नागरिक की बात सुनी जाए और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनसमस्याओं के निराकरण को शासन की प्राथमिकताओं में स्थान दिया है। नागरिकों को अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे शासन-प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है।

जिला और विकासखंड स्तर पर आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर भी प्रशासन को नागरिकों के निकट लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

डिजिटल सुशासन से आसान हो रही शासकीय सेवाएं

बदलते समय में तकनीक सुशासन का सशक्त आधार बनकर उभरी है। छत्तीसगढ़ में डिजिटल माध्यमों से शासकीय सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा सेतु पोर्टल और डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए आवेदन करने और प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में सहायता मिल रही है।

डिजिटल व्यवस्थाओं का महत्व केवल ऑनलाइन आवेदन तक सीमित नहीं है। इनका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, अनावश्यक विलंब कम करना और नागरिकों को सेवाओं की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराना भी है। तकनीक आधारित प्रशासन से शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और जनजातीय समुदायों के कल्याण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह सहायता घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटी बचत जैसे कार्यों में महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। किसानों के लिए संचालित योजनाएं, स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी पहलें भी नागरिकों के जीवन में आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा का आधार बन रही हैं।

इन योजनाओं की वास्तविक सफलता उन परिवारों के जीवन में दिखाई देती है, जिन्हें शासन की सहायता से अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

See also  जल्द करें एमपी असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती के लिए अप्लाई आज है आखिरी तिथि

शिकायत निवारण से जवाबदेह प्रशासन की ओर

सुशासन का अर्थ केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। इसी दिशा में सीएम हेल्पलाइन 1076 नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने और उसके निराकरण की स्थिति जानने का माध्यम उपलब्ध कराती है। नगरीय क्षेत्रों में निदान-1100 के माध्यम से साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान की व्यवस्था विकसित की गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य शिकायत निवारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जब नागरिक अपनी समस्या दर्ज कराने के साथ उसकी प्रगति भी जान सकते हैं, तब प्रशासन के प्रति उनका भरोसा मजबूत होता है।

गांव से शहर तक विकास, हर वर्ग के कल्याण का प्रयास

छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में निवास करती है। इसलिए सुशासन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पहुंच है। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास, जनजातीय कल्याण, महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से विकास को अधिक समावेशी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण का महत्व और भी बढ़ जाता है।

सुशासन की वास्तविक पहचान तब बनती है, जब दूरस्थ गांव में रहने वाले नागरिक को भी वही सम्मान, सुविधा और अवसर प्राप्त हों, जो शहरों में उपलब्ध हैं।

जनभागीदारी से मजबूत होता सुशासन का संकल्प

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान ने जनसेवा और जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु, सेवा की कहानी, सेवा मेरा योगदान और सुशासन सेवा संवाद जैसी पहलों ने नागरिकों को शासन की सेवाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का संदेश दिया।

सुशासन केवल सरकार और प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से भी मजबूत होता है। नागरिकों के सुझाव, सामाजिक सहयोग और जनहित के कार्यों में भागीदारी विकास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाते हैं।

सुशासन का वास्तविक अर्थ है हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन को जनसेवा, संवेदनशीलता और जवाबदेही से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। योजनाओं की प्रभावशीलता, शिकायतों का समयबद्ध समाधान और नागरिकों की संतुष्टि ही इन प्रयासों की वास्तविक कसौटी होगी। सुशासन का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें गरीब को सम्मान, किसान को संबल, महिलाओं को सुरक्षा, युवाओं को अवसर और प्रत्येक नागरिक को न्यायपूर्ण एवं सरल शासकीय सेवाएं उपलब्ध हों।

शासन और जनता के बीच दूरी कम होने का वास्तविक अर्थ केवल कार्यालयों तक पहुंच आसान होना नहीं, बल्कि नागरिकों के मन में यह विश्वास पैदा होना है कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

यही विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी है। इसी विश्वास, जनभागीदारी और संवेदनशील प्रशासन के आधार पर छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। सुशासन से विश्वास, विश्वास से जनभागीदारी और जनभागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़, यही समावेशी विकास की सशक्त आधारशिला है।

See also  फिल्म “घूसखोर पंडित“ के टीज़र और उससे सभी कंटेंट हटाने के आदेश का स्वागत : मंत्री चेतन्य काश्यप ने किया ,PM के नेतृत्व में सामाजिक एकता, सद्भाव और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता ,समाज को विभाजित करने वाली नफरत और भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेंगे-काश्यप

सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की पहल से साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

रायपुर, 17 अक्टूबर 2026

लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता का विश्वास है और सुशासन उस विश्वास को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम। जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, समस्याओं का समयबद्ध समाधान होता है और आम नागरिक को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ता, तभी सुशासन की अवधारणा सार्थक होती है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसी भावना के अनुरूप संवेदनशील, पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास‘ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। शासन की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, सुलभ और जवाबदेह बनाने के प्रयासों से प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद तथा विश्वास का नया वातावरण विकसित हो रहा है।

सुशासन की पहली शर्त है कि आम नागरिक की बात सुनी जाए और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनसमस्याओं के निराकरण को शासन की प्राथमिकताओं में स्थान दिया है। नागरिकों को अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे शासन-प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है।

जिला और विकासखंड स्तर पर आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर भी प्रशासन को नागरिकों के निकट लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

डिजिटल सुशासन से आसान हो रही शासकीय सेवाएं

बदलते समय में तकनीक सुशासन का सशक्त आधार बनकर उभरी है। छत्तीसगढ़ में डिजिटल माध्यमों से शासकीय सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा सेतु पोर्टल और डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए आवेदन करने और प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में सहायता मिल रही है।

डिजिटल व्यवस्थाओं का महत्व केवल ऑनलाइन आवेदन तक सीमित नहीं है। इनका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, अनावश्यक विलंब कम करना और नागरिकों को सेवाओं की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराना भी है। तकनीक आधारित प्रशासन से शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और जनजातीय समुदायों के कल्याण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह सहायता घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटी बचत जैसे कार्यों में महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। किसानों के लिए संचालित योजनाएं, स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी पहलें भी नागरिकों के जीवन में आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा का आधार बन रही हैं।

इन योजनाओं की वास्तविक सफलता उन परिवारों के जीवन में दिखाई देती है, जिन्हें शासन की सहायता से अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

See also  Ratlam/अधिवक्ता परिषद ने मनाया महिला दिवस ;अधिवक्ताओं ने देखी फिल्म केरला स्टोरी 2,महिला अधिवक्ताओं का दुपट्टा पहनाकर किया सम्मान

शिकायत निवारण से जवाबदेह प्रशासन की ओर

सुशासन का अर्थ केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। इसी दिशा में सीएम हेल्पलाइन 1076 नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने और उसके निराकरण की स्थिति जानने का माध्यम उपलब्ध कराती है। नगरीय क्षेत्रों में निदान-1100 के माध्यम से साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान की व्यवस्था विकसित की गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य शिकायत निवारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जब नागरिक अपनी समस्या दर्ज कराने के साथ उसकी प्रगति भी जान सकते हैं, तब प्रशासन के प्रति उनका भरोसा मजबूत होता है।

गांव से शहर तक विकास, हर वर्ग के कल्याण का प्रयास

छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में निवास करती है। इसलिए सुशासन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पहुंच है। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास, जनजातीय कल्याण, महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से विकास को अधिक समावेशी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण का महत्व और भी बढ़ जाता है।

सुशासन की वास्तविक पहचान तब बनती है, जब दूरस्थ गांव में रहने वाले नागरिक को भी वही सम्मान, सुविधा और अवसर प्राप्त हों, जो शहरों में उपलब्ध हैं।

जनभागीदारी से मजबूत होता सुशासन का संकल्प

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान ने जनसेवा और जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु, सेवा की कहानी, सेवा मेरा योगदान और सुशासन सेवा संवाद जैसी पहलों ने नागरिकों को शासन की सेवाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का संदेश दिया।

सुशासन केवल सरकार और प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से भी मजबूत होता है। नागरिकों के सुझाव, सामाजिक सहयोग और जनहित के कार्यों में भागीदारी विकास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाते हैं।

सुशासन का वास्तविक अर्थ है हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन को जनसेवा, संवेदनशीलता और जवाबदेही से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। योजनाओं की प्रभावशीलता, शिकायतों का समयबद्ध समाधान और नागरिकों की संतुष्टि ही इन प्रयासों की वास्तविक कसौटी होगी। सुशासन का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें गरीब को सम्मान, किसान को संबल, महिलाओं को सुरक्षा, युवाओं को अवसर और प्रत्येक नागरिक को न्यायपूर्ण एवं सरल शासकीय सेवाएं उपलब्ध हों।

शासन और जनता के बीच दूरी कम होने का वास्तविक अर्थ केवल कार्यालयों तक पहुंच आसान होना नहीं, बल्कि नागरिकों के मन में यह विश्वास पैदा होना है कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

यही विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी है। इसी विश्वास, जनभागीदारी और संवेदनशील प्रशासन के आधार पर छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। सुशासन से विश्वास, विश्वास से जनभागीदारी और जनभागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़, यही समावेशी विकास की सशक्त आधारशिला है।

Share This Article