AAJ24

[state_mirror_header]

इंदौर के स्वच्छता अवार्ड पर सियासत, कैलाश विजयवर्गीय का उमंग सिंघार पर पलटवार, बोले- खरीदा नहीं, अपनी मेहनत से मिला सम्मान

Admin
By Admin

इस पूरे विवाद की शुरुआत विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इंदौर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए “गलत दस्तावेज” पेश किए गए. उमंग सिंघार ने यह बात कुछ दिन पहले इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही थी

- Advertisement -

इंदौर के भागीरथपुरा जल त्रासदी मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है. एक तरफ लोगों की मौत और दूषित पानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं और बयानबाज़ी दिन-ब-दिन तीखी होती जा रही है. इस पूरे विवाद की शुरुआत विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इंदौर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए “गलत दस्तावेज” पेश किए गए. उमंग सिंघार ने यह बात कुछ दिन पहले इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही थी. उनके इस बयान को लेकर भाजपा खेमे में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है.

- Advertisement -

कैलाश विजयवर्गीय का पलटवार

कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उमंग सिंघार पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि “एक घटना को लेकर आप इंदौर की पूरी जनता को बदनाम कर रहे हैं.” विजयवर्गीय ने साफ शब्दों में कहा कि इंदौर ने स्वच्छता का अवॉर्ड खरीदा नहीं, बल्कि अपने कर्म और मेहनत से हासिल किया है. उन्होंने उमंग सिंघार पर सफाई कर्मियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए भावुक अंदाज़ में सवाल दागा “क्या आपके घर की मां-बेटी रात के दो बजे निकलकर सफाई कर सकती हैं? हमारे सफाई कर्मी दिन-रात मेहनत करते हैं और आप उनका मजाक उड़ा रहे हैं.”

See also  संसद को ठप्प कौन कर रहा है? (आलेख : राजेंद्र शर्मा)

विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि “नंबर बनाने के लिए गलत दस्तावेज दिए गए” ऐसा कहने से पहले शर्म आनी चाहिए. उनके मुताबिक, इंदौर की पहचान स्वच्छता और अनुशासन से है, न कि किसी साजिश या फर्जीवाड़े से. उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए शहर की छवि खराब करने का आरोप लगाया.

क्या है पूरा मामला?

  • दरअसल, इस पूरे सियासी घमासान की पृष्ठभूमि में भागीरथपुरा की वह जल त्रासदी है, जिसमें दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान चली गई थी.
  • इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन की भूमिका और व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए, जिन्हें कांग्रेस लगातार उठा रही है.
  • इसी बीच कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के 17 जनवरी को इंदौर आगमन की खबर ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है.
  • राहुल गांधी के दौरे से पहले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है.
  • साफ है कि भागीरथपुरा की त्रासदी अब सिर्फ एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं रही, बल्कि आने वाले दिनों में इंदौर की राजनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रही है.
Share This Article