भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम -वर्तमान में बजट से ज्यादा मध्यप्रदेश कर्जदार हो गया है” इसका कौन जिम्मेदार है ?? मध्यप्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा है।और भाजपाई मालामाल हो रहे हैं!! भृष्टाचार में डूबीं मध्यप्रदेश की सरकार बार बार क़र्ज़ लेकर मध्यप्रदेश का नाम बदनाम कर रही है।आम जनता मंहगाई और बेरोजगारी से लगातार संघर्ष कर रही है! आम जनता को कोई राहत नहीं दी गई है।

कांग्रेस की जिला प्रवक्ता रश्मि सिंह ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश भाजपा की मोहन यादव सरकार के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 4.38 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा एवं अन्य मंत्रीगण तालियां बजा रहे थे! जबकि यह भाजपा की नाकामियों का बजट है।
मध्यप्रदेश में सभी विभागों में लगभग तीन लाख से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। सरकारी नौकरियों के लिए अलग से राशि स्वीकृत नहीं की गई है !!
मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 1.5 लाख पद रिक्त हैं जिसकी भर्ती के लिए मुख्यमंत्री जी सैकड़ों बार घोषणा कर चुके हैं!! लेकिन इस बजट में इन वर्गों को मुख्य धारा में लाने के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं रखा गया है!! मंहगाई से गरीब,मजदूर,किसान,एवं सर्वहारा वर्ग को कोई राहत नहीं दी गई! वहीं रतलाम में भाजपा के चार विधायक एवं एक मंत्री भी हैं लेकिन रतलाम को 132 करोड़ की राशि “ऊंट के मुंह में जीरे समान है।”
रतलाम की जनता भाजपा को वोट देकर ठगा हुआ महसूस कर रही है।कांग्रेस पार्टी में मांग करती है कि मंहगाई, बेरोजगारी के लिए सरकार विशेष कदम उठाए ताकि सर्वसमाज के युवाओं को अपना भविष्य बनाने का अवसर मिले। भाजपा सरकार में युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है!! रतलाम में आदिवासी अंचल में श्रमिक वर्ग ज्यादा हैं,उनके लिए उद्योग लगाने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है।आगे रश्मि सिंह ने कहा कि यह बजट झूठी घोषणाएं एवं जुमलेबाजी का पैकेज है।