भरत शर्मा की रिपोर्ट
जबलपुर। केबिन कल्चर वाले कैफों की संख्या शहर में लगातार बढ़ रही है। यहां निजता के नाम पर युवक-युवतियां अश्लीलता की सारी हदें पार कर रहे हैं। पार्टी के नाम पर हुक्का तक परोसा जा रहा है। कैफे में नाबालिग किशोरियों और युवतियों से दुराचार के भी कई मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में पुलिस ने पहले कुछेक पर कार्रवाई भी की, लेकिन वर्तमान में अब इन्हें बखूबी बढ़ावा खाकी स्वयं दे रही है।
उक्ताशय के आरोप कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की शहर अध्यक्ष शोभा उपाध्याय ने लगाते हुए ऐंसे अश्लीलता परोसने वाले कैफे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है
अध्यक्ष शोभा उपाध्याय ने विज्ञप्ति के माध्यम ने बताया कि शहर में कैफे और रेस्टोरेंट में छोटे-छोटे केबिन बनाकर प्रेमी जोड़ों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है। शहर के कुछ कैफे संचालकों ने केबिन में अनैतिक कारोबार को बढ़ाने के साथ लूट भी मचा रखी है। इन केबिनों में खाने पीने का सामान दोगुनी कीमत पर दिया जाता है।
साथ ही केबिनों का प्रति घंटे के हिसाब से मोटा चार्ज भी वसूल किया जाता है। शोभा ने बताया कि करीब 1 दर्जन से अधिक कैफे विजय नगर और बरगी आधरताल इलाके में संचालित हैं। ज्यादातर कैफे संचालकों ने लकड़ी या पर्दे के पार्टेशन कर केबिन बनाए हैं।
बाद में करते हैं ब्लैकमेल…
शोभा की माने तो ऐंसे कैफे में बैड कम सोफा लगाए हैं। जहां स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्रा और उम्रदराज लोग आते हैं एवं अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। बाद में अपने मोबाईल में इन्हे रिकॉर्ड कर किशोरियों और युवतियों को ब्लैकमेल किया जाता है। ऐंसे अनेक मामले पूर्व में सामने भी आ चुके हैं। कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की शहर अध्यक्ष शोभा उपाध्याय ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि ऐंसे कैफे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर इन्हें बंद कराया जाए, नहीं तो संगठन निकट भविष्य में उग्र आंदोलन करने बाध्य होगा।
