चिरमिरी। स्वर्गीय लाहिड़ी दादु की विद्यानगरी के नाम से पहचानी जाने वाली चिरमिरी नगरनिगम क्षेत्र इन दिनों अवैध महुआ शराब के कारोबार के कारण बदनामी झेल रहा है। नगरनिगम का विस्तार करते हुए आसपास के गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल किया गया, लेकिन इसके साथ ही अवैध शराब का जाल भी तेजी से फैलता गया।
महुआ दारू का खुला कारोबार
नगरनिगम के मौहरी डांड सहित आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर महुआ दारू बनाई और बेची जा रही है। एक बीयर बोतल में महुआ शराब की कीमत लगभग 120 रुपये बताई जा रही है।
महुआ के सूखे फूलों को सड़ाकर उसकी भाप को 5 से 15 लीटर के प्लास्टिक पात्रों में इकट्ठा किया जाता है और ठंडा होने पर उसे शराब के रूप में बेचा जाता है।
गर्मी में यह प्रक्रिया 2–3 दिन और ठंड में 8–9 दिन में पूरी होती है।
जहरीली शराब, जानलेवा प्रयोग
ग्रामीणों का आरोप है कि ठंड के मौसम में जल्दी और अधिक शराब तैयार करने के लालच में कुछ कारोबारी महुआ फूलों में यूरिया और बांस के पत्ते तक मिला देते हैं। इससे दो दिनों के भीतर अधिक तीखी और हार्ड शराब तैयार हो जाती है, जो मानव शरीर के लिए अत्यंत घातक साबित होती है।
प्लास्टिक के पात्रों में भाप इकट्ठा करने के कारण शराब में पिघले हुए प्लास्टिक कण मिलने की भी आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की सख्ती, लेकिन नया खेल
चिरमिरी थाने की कमान संभालने के बाद ईमानदार और कर्मठ पुलिस अधिकारी विजय सिंह की सख्त कार्रवाई से कई शराब माफिया और अवैध धंधेबाज़ क्षेत्र छोड़कर भाग चुके हैं।
लेकिन इसका फायदा उठाकर मौहरी डांड क्षेत्र में सक्रिय अवैध शराब कारोबारी अब दिन में दोगुनी और रात में चौगुनी कमाई कर रहे हैं।
युवक की संदिग्ध मौत से सनसनी
07 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे शहडोल जिले से आए रंजीत कोल (उम्र लगभग 25 वर्ष), जो मौहरी डांड स्थित एक अवैध ईंट-भट्टे में कच्ची ईंट (पथेड़ा) बनाने का कार्य करता था, शराब पीने के लिए अपनी अस्थायी झोपड़ी से निकला था।
08 जनवरी 2026 की सुबह उसका शव मौहरी डांड से कुछ दूरी पर एक नाले के किनारे मिला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
हालांकि, गांव वालों का कहना है कि युवक ने जहरीली महुआ शराब का सेवन किया था और रातभर ठंड में नाले के किनारे पड़े रहने के कारण उसकी मौत हो गई।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद नगरनिगम क्षेत्र में अवैध शराब के नेटवर्क, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और जहरीली शराब के इस कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए।
रिपोर्ट : अंजन मुखर्जी ( छोटा बाजार, चिरमिरी )

