विकास के नाम पर जंगल-जमीन की लूट! AAP का बड़ा आरोप – उद्योगपतियों के लिए सरकार,
रायपुर : छत्तीसगढ़ में विकास के नाम पर जंगल, जमीन और खनिज संपदा की खुली लूट का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने कहा कि सरकार संविधान और कानून को ताक पर रखकर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है, जबकि आदिवासी, किसान और ग्रामीण अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यह लड़ाई केवल आदिवासियों की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की है। सरकार एक-एक इंच जमीन को उद्योगपतियों के हवाले कर रही है और ग्राम सभा की सहमति को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
तमन्नार हिंसा पर न्यायिक जांच क्यों नहीं?
प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने सवाल उठाया कि तमन्नार हिंसा मामले में अब तक न्यायिक जांच का गठन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बटौली, बलौदाबाजार और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनुमति के बिना खनन और परियोजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।
हसदेव से बस्तर तक जनता का आक्रोश
AAP नेताओं ने बताया कि हसदेव जंगल, सरगुजा, बस्तर और तमन्नार क्षेत्रों में हजारों लोग जंगल कटाई, फर्जी ग्राम सभा और जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं। बावजूद इसके सरकार संवाद करने के बजाय दमनकारी नीति अपना रही है।
राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष (यूथ विंग) इमरान खान ने कहा कि यदि सरकार ने जनता की आवाज नहीं सुनी तो आम आदमी पार्टी आदिवासियों, किसानों और युवाओं को साथ लेकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कर्मी ने कहा कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई भी विकास कार्य नहीं होना चाहिए, लेकिन सरकार इन नियमों का खुला उल्लंघन कर रही है।
