सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायिक ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक और अहम कदम बढ़ा है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में प्रस्तावित नवीन सिविल कोर्ट (व्यवहार न्यायालय) भवन का वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति राधा किशन अग्रवाल (पोर्टफोलियो जज, सूरजपुर) भी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े मुख्य न्यायाधीश ने प्रतापपुर की जनता, अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि नया सिविल कोर्ट भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। भवन में आधुनिक कोर्ट रूम, रीडर रूम, विटनेस रूम, न्यायाधीशों के चेंबर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल, नजारत, सेंट्रल फाइलिंग रूम, बार रूम, वीआईपी वेटिंग एरिया सहित अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
मुख्य न्यायाधीश ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण हो और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। साथ ही, प्रधान जिला न्यायाधीश सूरजपुर को निर्माण कार्य की सतत निगरानी का दायित्व सौंपा गया।
प्रतापपुर के अधिवक्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए यह परियोजना वर्षों पुराने सपने के साकार होने जैसी है। नए हाईटेक कोर्ट भवन से न केवल न्यायिक कार्यवाही में तेजी आएगी, बल्कि गवाहों, वादकारियों और आम नागरिकों को भी बेहतर व आधुनिक सुविधाएँ मिलेंगी।
इस गरिमामय अवसर पर श्रीमती विनीता वार्नर (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर), श्रीमती प्रज्ञा पचौरी (न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय), मानवेन्द्र सिंह (प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश), ओम प्रकाश सिंह चौहान (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर), प्रशांत कुमार ठाकुर (पुलिस अधीक्षक, सूरजपुर), विजेन्द्र सिंह पाटले (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सूरजपुर) सहित अनेक न्यायाधीश, सूरजपुर बार अध्यक्ष बलराम शर्मा, सूरजपुर व प्रतापपुर के अधिवक्ता तथा न्यायालयीन कर्मचारी प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल रूप से शामिल हुए।