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मामला भ्रष्टाचार कांड /सौरभ शर्मा तो सबसे छोटी मछली,मगरमच्छों को बचाने छिपाई जा रही सच्चाई ;500 से 1000 करोड़ तो ऊंट के मुंह में जीरा है,चेक पोस्टों की जांच सीबीआई से कराई जाए : पारस सकलेचा

Priyanshu Ranjan

भरत शर्मा की रिपोर्ट

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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जताई चिंता -अवैध वसूली से मध्य प्रदेश का नाम खराब हो रहा है

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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने तात्कालीन मुख्यमंत्री से गुजारिश,मामले में सख्त और उचित कार्रवाई करें

रतलाम, 01 जनवरी सौरभ शर्मा कांड में शासन तथ्यों को छुपा रहा है , ताकि चेक पोस्टों पर प्रतिवर्ष हजारों करोड़ की अवैध वसूली के सूत्र उजागर ना हो । यह आरोप पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने लगाया ।सकलेचा ने कहा कि 2 दिसंबर 2020 को चेक पोस्टों के कर्मचारियों ने मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर बताया था कि आरक्षक सौरभ शर्मा को प्रधान आरक्षक के रूप में आठ चेक पोस्ट का डमी प्रभारी बना दिया गया है । निजी व्यक्तियों से कार्य लिया जा रहा है । चेक पोस्ट पर चालान काटना, टैक्स काटना, रोजनामचा लिखना की कार्यवाही भी वही कर रहे हैं , तथा अवैध वसूली के लिए मारपीट भी की जा रही है ।

सकलेचा ने कहा कि विभाग ने प्रारंभ में यह नहीं बताया कि सौरभ शर्मा ने नौकरी से स्वैच्छिक त्यागपत दे दिया है , यह तथ्य उसके अग्रिम जमानत के आवेदन से उजागर हुआ । इससे स्पष्ट है कि उसके आकाओ को बचाने के लिए विभाग द्वारा बाद में यह षड्यंत्र रचा गया । उसने त्यागपत्र किस दिनांक को दिया , किस अधिकारी द्वारा , किस दिनांक को , क्यों स्वीकृत किया गया । जबकि उसके खिलाफ विभागीय जांच प्रचलन में थी । सात साल की अवधि में उसने किस-किस चेक पोस्ट पर किस हैसियत से काम किया । उसे 8 चेक पोस्ट का प्रभारी किसके आदेश से , क्यों बनाया गया ।

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सकलेचा ने कहा कि सौरभ शर्मा के 500 से 1000 करोड़ तो ऊंट के मुंह में जीरा है । सारे चेक पोस्टों पर मिलाकर प्रतिवर्ष 3 करोड़ से अधिक वाहन से औसतन 6 से 8 हजार करोड़ की अवैध वसूली की गई हैं । जबकि शासन के राजस्व में गिरावट हुई हैं । वर्ष 2016-17 में 2 करोड़ वाहन की चेकिंग कर 5.6 लाख से 154 करोड़ राजस्व वसूला गया था । वही 2022-23 में 3 करोड़ से अधिक वाहन की चेकिंग कर 1.6 लाख से 86 करोड़ राजस्व वसूला गया ।

सकलेचा ने कहा कि केंद्र ने 6 सितंबर 2021 को पत्र लिखकर राज्य शासन को बताया कि जुलाई 2017 में जीएसटी काउंसिल की बैठक में चेक पोस्ट बंद करने पर अपनी सहमति दी थी ।

सकलेचा ने कहा की चेक पोस्ट पर लूट की हद तो तब हो गई जब केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत पत्र दभेज कर लिखा कि ” मैंने इससे पहले भी आपको इस विषय पर ध्यान देने की प्रार्थना की थी , लेकिन इस समस्या का कोई भी हल अभी तक नहीं निकला है । जिसकी वजह से मध्य प्रदेश का नाम खराब हो रहा है । आपसे गुजारिश है कि आप स्वयं इस मामले में सख्त और उचित कार्रवाई करें। और इस समस्या पर सख्त और उचित कार्यवाही करने की जगह पत्र पर सख्त कार्रवाई करते हुए उसे नस्तीबद्ध कर दिया गया ।सकलेचा ने कहा कि सौरभ शर्मा तो इस लूट के महासागर की सबसे छोटी मछली है , मगरमच्छों को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच होना चाहिए ।

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