भरत शर्मा की रिपोर्ट

संगठन की मजबूती, सुरक्षा और एकजुटता पर हुआ मंथन

बड़वानी। जिले के अंजड़ में शनिवार को भारतीय पत्रकार संघ (एआईजे) के तत्वावधान में जिला स्तरीय सदस्यता अभियान एवं पत्रकार मिलन समारोह का गरिमामय और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में पत्रकार साथियों ने सहभागिता करते हुए संगठन की मजबूती, एकता, निष्पक्ष पत्रकारिता तथा पत्रकार हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन किया। आयोजन ने न केवल संगठनात्मक विस्तार को नई दिशा दी, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण के संकल्प को भी मजबूत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सेन, उद्योगपति एवं संरक्षक शेखरचंद्र पाटनी सहित अन्य मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों का पुष्पमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया।

एआईजे की विशेष कार्यशैली ने बनाई अलग पहचान

स्वागत भाषण में राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सेन ने भारतीय पत्रकार संघ की विशिष्ट कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एआईजे केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन है। पिछले 12 वर्षों से संगठन देशभर में पत्रकारों के हितों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है और वर्तमान में 575 से अधिक जिलों में इसकी सक्रिय इकाइयाँ कार्यरत हैं उन्होंने बताया कि एआईजे की कार्यशैली का मूल आधार “संगठन – सुरक्षा – सम्मान – सहयोग” है। संगठन द्वारा पत्रकारों के स्वास्थ्य, दुर्घटना सहायता, आपातकालीन सहयोग तथा सामाजिक सुरक्षा के लिए 31 से अधिक उच्च स्तरीय अस्पतालों एवं चिकित्सा संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। साथ ही सदस्यता अभियान को मिशन मोड में चलाकर पत्रकारों को एक मजबूत, विश्वसनीय और सक्रिय मंच प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रशिक्षण, कानूनी संरक्षण और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।एआईजे इसी दिशा में योजनाबद्ध, पारदर्शी और परिणाम आधारित कार्य कर रहा है।
ओजस्वी संबोधनों से जागा जोश और संकल्प
प्रदेश संयोजक आमीर शेख ने अपने संबोधन की शुरुआत पुलवामा में शहीद हुए वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उनके जोशीले और प्रेरक उद्बोधन ने उपस्थित पत्रकार साथियों में नई ऊर्जा का संचार किया और संगठन को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प दिलाया।
मंच पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सेन, प्रदेश अध्यक्ष राकेश साहू, संरक्षक शेखरचंद्र पाटनी, प्रदेश संयोजक आमीर शेख, प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम कुशवाह, संभाग उपाध्यक्ष दिलावर खान, जिला अध्यक्ष रफीक खान, प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष राजेंद्र देवराय, खरगोन जिला अध्यक्ष प्रकाश भावसार, यूथ विंग जिला अध्यक्ष आकाश गुप्ता, राष्ट्रीय महासचिव मनोहर मंडलोई, राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज शेख, प्रदेश संयोजक राजेश नाहर, राजपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष ठाकुर भूपेंद्र सिंह चौहान एवं सहयोगी सादिक चंदेरी सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मंचासीन रहे सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में संगठन की एकता, निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता, पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा तथा सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर विशेष जोर दिया। साथ ही पुलवामा के शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित कर राष्ट्र सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
सैकड़ों पत्रकारों का सम्मान, नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं
कार्यक्रम के दौरान जिले भर से आए पत्रकार साथियों का पुष्पमालाओं एवं सम्मान पत्र देकर सम्मान किया गया। नव नियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार साथी हाजी इनायतुल्लाह तिगाले, राजेश राठौर, प्रवीण सोनी, विजय निकुम, संजय बामणिया, श्याम राठौर, आर.आर. प्रिंस, मोहम्मद रफीक मंसूरी, दिलीप शर्मा, सेन जी, जितेंद्र यादव, विक्रम चौधरी, पुनीत सोनी, आशीष घोष, रिंकू खान, इमरान खान, महेंद्र करील, वसीम शेख, धीरज जैन, जाहिद खान, शकील मंसूरी सहित सैकड़ों पत्रकार साथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन भव्य, प्रभावी और सफल रहा।
संगठनात्मक विस्तार और पत्रकार हितों का संकल्प
समारोह के अंत में संगठन को गांव-गांव, तहसील-तहसील तक मजबूत करने, सदस्यता अभियान को तेज करने तथा पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया गया। एआईजे की सक्रिय, पारदर्शी और सेवा आधारित कार्यशैली ने यह संदेश दिया कि संगठित पत्रकार ही सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त पत्रकार बन सकते हैं यह आयोजन न केवल एक सदस्यता अभियान रहा, बल्कि पत्रकार एकता, आत्मसम्मान और संगठनात्मक शक्ति का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।



