भरत शर्मा पत्रकार की रिपोर्ट
रविन्द्र पूरी महाराज ने प्रेसवार्ता कर कहा लिखित और चयनित आधार पर मुझे 8 अखाड़ों को समर्थन
निर्वाणी आणि अखाड़े में संतो का हुआ समागम, 8 अखाड़ों के सन्त हुए शामिल
उज्जैन, 22 मार्च। सिंहस्थ 2028 को लेकर तकरीबन आगाज हो चुका है। संतों का उज्जैन प्रवास बढ गया है। इधर सिंहस्थ के पूर्व अभा अखाडा परिषद को लेकर संतो में सियासत गहराई हुई है। सिंहस्थ पूर्व 13 अखाडों में दो फाड दिखाई दे रही है। इसे लेकर महानिर्वाणी अखाडे के रविन्द्र पूरी महाराज ने प्रेसवार्ता कर कहा लिखित और चयनित आधार पर मुझे 8 अखाड़ों का समर्थन है। निर्वाणी आणि अखाड़े में रविवार को संतो का हुआ समागम, 8 अखाड़ों के सन्त इसमें शामिल हुए हैं।वर्तमान में निरंजनी अखाडा के रविन्द्रपुरी महाराज अखाडा परिषद के अध्यक्ष हैं।
उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ आयोजित होने वाला है। सिंहस्थ को लेकर जहां एक और सरकार और प्रशासन बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है तो वहीं दूसरी और साधु संतों में दो फाड़ दिखाई दे रही है।
इन अखाड़ों का समर्थन बताया
देश के 13 अखाड़े में से 8 अखाड़ों का समर्थन महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पूरी महाराज को मिला है। इन अखाड़ों में 1- महानिर्वाणी अखाड़ा, 2- अटल अखाड़ा, 3-निर्मल अखाड़ा, 4- नया उदासी अखाड़ा, 5- बड़ा उदासीन अखाड़ा, 6-निर्वाणी अणि अखाड़ा, 7- दिगंबर अणि अखाड़ा और 8-निर्मोही अणि अखाड़ा शामिल है। इस प्रकार बहुमत के आधार पर अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महा निर्वाणी अखाड़े के रवींद्र पुरी महाराज ही होंगे। यहां बता दे की शेष 5 अखाड़े का समर्थन निरंजनी अखाड़े के रवींद्र पुरी महाराज को है इसलिए वह भी अपने आप को अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बताते हैं।
दरअसल रविवार को उज्जैन के मंगलनाथ मार्ग स्थित निर्वाणी अणि अखाड़ा में संतों का समागम हुआ। संतो के इस समागम में 13 में से 8 अखाड़ों के साधु संत शामिल हुए । खास बात यह रही कि यहां हरिद्वार से पहली बार आए महानिर्वाणी अखाड़े के संत रवींद्र पुरी महाराज का स्वागत सम्मान किया गया।
आयोजन के पश्चात संत रवींद्र पुरी महाराज ने मीडिया से चर्चा की । उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि वे खुद वर्तमान में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष हैं। उनके साथ में निर्मोही अणि अखाड़े के राजेंद्र दास सचिव है। उन्हें लिखित और चयनित दोनों रूपों में 13 में से 8 अखाड़े का समर्थन प्राप्त है । अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद चार संप्रदाय से मिलकर बनी है। जिसमें सन्यासी, उदासीन, वैष्णव और निर्मल शामिल है। इन चारों संप्रदाय के अखाड़े उनके नेतृत्व वाली अखाड़ा परिषद में शामिल है। वे खुद अखाड़ा परिषद के चुने गए अध्यक्ष हैं।
सिंहस्थ कुंभ के आयोजन को लेकर कहा कि अधिकारियों से सूक्ष्म चर्चा हुई है। लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। विकास कार्यों में सरकार को अखाड़ा परिषद का समर्थन है।
