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छात्रा आत्महत्या केस में बड़ा एक्शन—FIR में नाम आने के बाद ज्ञान तिवारी का PG कॉलेज से एडमिशन कैंसिल

Priyanshu Ranjan

कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने पर कॉलेज की अनुशासन समिति ने लिया फैसला, एंटी रैगिंग समिति की अनुशंसा भी कार्रवाई का आधार

अंबिकापुर। छात्रा अंतरा साह की आत्महत्या से जुड़े मामले में FIR में नामजद छात्र ज्ञान तिवारी के खिलाफ अंबिकापुर के राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने बड़ी कार्रवाई की है। कॉलेज ने एमए इतिहास प्रथम सेमेस्टर में अध्ययनरत ज्ञान तिवारी का प्रवेश निरस्त कर दिया है।

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महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सिन्हा द्वारा 16 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार, छात्र को 11 सितंबर को आठ बिंदुओं से संबंधित कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया था। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद छात्र ने अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया।

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इसके बाद महाविद्यालय की अनुशासन समिति और एंटी रैगिंग समिति के निर्णय के आधार पर ज्ञान तिवारी का प्रवेश निरस्त करने की कार्रवाई की गई।

आत्महत्या मामले की FIR में शामिल है नाम

ज्ञान तिवारी का नाम 12 सितंबर को हुई बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंतरा साह की आत्महत्या के मामले में दर्ज FIR में शामिल है। छात्रा ने गांधीनगर थाना क्षेत्र के पटपरिया स्थित अपने जीजा-दीदी के घर में आत्महत्या की थी।

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परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने ज्ञान तिवारी के खिलाफ छात्रा को कथित रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने से संबंधित मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा है।

पुलिस जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है और अंतिम दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।

निजी चैट और वीडियो को लेकर प्रताड़ना का आरोप

परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि ज्ञान तिवारी के पास छात्रा के निजी चैट और वीडियो थे तथा इन्हें उसके जीजा को दिखाने की बात कहकर छात्रा पर दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों ने इसी कथित प्रताड़ना को छात्रा की आत्महत्या से जोड़ते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले में पुलिस द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर जांच की जा रही है।

कॉलेज के फैसले के बाद बढ़ी चर्चा

आपराधिक मामले में गिरफ्तारी के बाद अब कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि कॉलेज का आदेश अपराध सिद्ध होने के आधार पर नहीं, बल्कि जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं मिलने तथा अनुशासन एवं एंटी रैगिंग समितियों के निर्णय के आधार पर जारी किया गया है।

वहीं, मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी है।

संगठन स्तर पर भी कार्रवाई

मामले के बाद ज्ञान तिवारी के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है। उन्हें छात्र संगठन में दिए गए पद से हटाए जाने तथा संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

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