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28 हजार रुपये शुल्क जमा करने के बाद भी आरटीआई की जानकारी नहीं मिली, दरिमा बीएमओ कार्यालय पर सवाल,

Priyanshu Ranjan

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राशि के खर्च का मांगा था ब्यौरा, प्रथम अपील में शिकायत; आवेदक ने लगाया देरी का आरोप,

अंबिकापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा के विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) कार्यालय में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत शुल्क जमा करने के बावजूद उन्हें अब तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। मामले को लेकर उन्होंने प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सरगुजा के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की है।

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राशि के खर्च का मांगा था ब्यौरा

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अनिल पाण्डेय ने मई 2026 में आरटीआई आवेदन प्रस्तुत कर वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वीकृत आरओपी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा को उपलब्ध कराई गई राशि और उसके उपयोग से संबंधित दस्तावेज मांगे थे।

आरटीआई आवेदन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्वीकृत राशि के मदवार खर्च का विवरण, जीवन दीप समिति के बैंक स्टेटमेंट, आरओपी के विरुद्ध खर्च की गई राशि से संबंधित प्रक्रिया तथा भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं।

आवेदक का कहना है कि मांगी गई जानकारी सरकारी धन के उपयोग और स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन से सीधे जुड़ी है, इसलिए इसका सार्वजनिक महत्व है।

आरटीआई के बाद अधिकारियों से शिकायत का भी आरोप

आवेदक अनिल पाण्डेय का आरोप है कि आरटीआई आवेदन प्रस्तुत करने के बाद बीएमओ डॉ. राहुल कुशवाहा द्वारा कलेक्टर सरगुजा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को उनके और संगठन के पदाधिकारियों के संबंध में शिकायतें की गईं।

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पाण्डेय का दावा है कि इन शिकायतों के माध्यम से उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया, ताकि वे मांगी गई जानकारी के मामले में आगे कार्रवाई न करें। हालांकि, उनके अनुसार उन्होंने दबाव में आए बिना आरटीआई अधिनियम के तहत जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी रखी।

पहले करीब 52 हजार रुपये का चालान, अवलोकन के बाद 28 हजार जमा

आवेदक के अनुसार, निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के कुछ दिन पहले बीएमओ कार्यालय की ओर से पत्र जारी कर करीब 52 हजार रुपये का चालान जमा करने की जानकारी दी गई थी।

इतनी बड़ी राशि की मांग किए जाने पर आवेदक ने पहले संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन करने का आग्रह किया। इसके बाद कार्यालय द्वारा उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों के अवलोकन का अवसर दिया गया।

अवलोकन के दौरान आवेदक ने आवश्यक दस्तावेजों को चिन्हित कर उनकी प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इसके बाद उनके अनुसार 28 हजार रुपये की राशि नियमानुसार जमा कराई गई।

शुल्क जमा होने के बाद भी सूचना नहीं मिलने का दावा

अनिल पाण्डेय का कहना है कि निर्धारित शुल्क जमा किए जाने के बावजूद संबंधित दस्तावेज अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनका आरोप है कि आरटीआई अधिनियम में निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी लगभग 15 दिन अतिरिक्त बीत चुके हैं, लेकिन सूचना नहीं मिली।

इसी के चलते उन्होंने प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सरगुजा के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की है। अपील में मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही सूचना देने में हुई कथित देरी और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी के लिए जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

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सरकारी धन के उपयोग से जुड़ी जानकारी, इसलिए बढ़ा महत्व

मामले में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वीकृत एवं उपलब्ध कराई गई राशि का खर्च किस मद में और किस प्रक्रिया के तहत किया गया। यदि संबंधित राशि नियमों और स्वीकृत आरओपी के अनुसार खर्च की गई है, तो उसके मदवार खर्च, भुगतान प्रक्रिया, बैंक स्टेटमेंट एवं अन्य संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने में देरी क्यों हो रही है यह सवाल अब प्रथम अपील के बाद महत्वपूर्ण हो गया है।

हालांकि, फिलहाल ये आरोप आवेदक की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित बीएमओ कार्यालय अथवा स्वास्थ्य विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत अपील पर होने वाली कार्रवाई और उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी से ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

अब देखना यह होगा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी आवेदक को मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में क्या निर्देश देते हैं और सूचना उपलब्ध कराने में हुई कथित देरी के लिए किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।

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