आरटीओ कार्यालय में बस यूनियन के साथ बैठक, यात्रियों से शासन द्वारा तय किराया लेने के निर्देश,
अंबिकापुर। यात्री बसों में निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतों के बीच परिवहन विभाग ने बस संचालकों को निर्धारित किराया व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, अंबिकापुर में बस यूनियन सरगुजा के पदाधिकारियों एवं परिवहन अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें यात्रियों से निर्धारित किराया लेने, बसों में किराया सूची प्रमुख स्थान पर चस्पा करने तथा बस संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विनय सोनी ने बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रियों से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित किराया दर के अनुसार ही राशि वसूल की जाए। निर्धारित दर से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान परिवहन विभाग द्वारा जारी किराया सूची बस संचालकों को उपलब्ध कराई गई और इसे प्रत्येक बस में यात्रियों को आसानी से दिखाई देने वाले स्थान पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए।
यात्रियों को बस में ही मिले किराए की स्पष्ट जानकारी
परिवहन अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को किराए की जानकारी के लिए केवल मौखिक जानकारी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। बस के भीतर किराया सूची ऐसे स्थान पर लगाई जाए, जहां यात्री उसे आसानी से देख सकें।
इससे यात्री अपने गंतव्य के अनुसार शासन द्वारा निर्धारित किराया स्वयं देख सकेंगे और अधिक राशि वसूले जाने की स्थिति में इसकी शिकायत भी कर सकेंगे। विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची में दूरी के आधार पर निर्धारित किराया दरों का उल्लेख है।
अधिक किराया वसूली की शिकायतों के बाद कार्रवाई
परिवहन विभाग के अनुसार हाल के दिनों में कुछ यात्री बसों में निर्धारित दर से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए परिवहन उड़नदस्ता द्वारा बस स्टैंड में कुछ यात्री बसों की जांच कर कार्रवाई भी की गई।
इसके बाद विभाग ने बस यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संचालकों को निर्धारित किराया व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अंबिकापुर-रामानुजगंज और बिलासपुर मार्ग पर सामने आईं शिकायतें
सितंबर की शुरुआत में अंबिकापुर से संचालित निजी बसों में अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों के अनुसार।
अंबिकापुर-रामानुजगंज मार्ग: करीब 115 रुपये के स्थान पर 200 रुपये तक किराया वसूले जाने का आरोप।
अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग: करीब 230 रुपये के स्थान पर 400 रुपये तक वसूली की शिकायत।
मुख्य समस्या: कई बसों में किराया सूची प्रदर्शित नहीं होने के कारण यात्रियों को निर्धारित किराए की जानकारी नहीं मिलना।
इन शिकायतों के बाद परिवहन विभाग की कार्रवाई और बस संचालकों के साथ हुई बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उड़नदस्ता और यातायात पुलिस की भी रहेगी निगरानी
बैठक में परिवहन उड़नदस्ता एवं यातायात पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट किया कि बसों में किराया सूची चस्पा करने के साथ उसी के अनुरूप यात्रियों से किराया वसूलना होगा।
अब विभाग के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि सभी यात्री बसों में किराया सूची वास्तव में प्रदर्शित हो और निर्धारित दर से अधिक किराया वसूली की शिकायतों पर प्रभावी रोक लग सके।
बस यात्रियों के लिए पारदर्शी किराया व्यवस्था जरूरी
सरगुजा में बड़ी संख्या में यात्री रोजमर्रा के आवागमन के लिए बस सेवाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में किराए में पारदर्शिता सीधे आम यात्रियों से जुड़ा विषय है। बसों में निर्धारित किराया सूची प्रदर्शित होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक देय किराए की जानकारी पहले से मिल सकेगी।
इससे यात्रियों और बस कर्मचारियों के बीच किराए को लेकर होने वाले विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
बस संचालकों ने भी रखीं अपनी समस्याएं
बैठक में बस यूनियन के पदाधिकारियों ने बस संचालन के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं से परिवहन अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने संचालकों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए नियमों के पालन के साथ व्यवहारिक कठिनाइयों के समाधान पर भी विचार किया।
परिवहन विभाग और बस संचालकों के बीच समन्वय को लेकर पहले भी बैठकें होती रही हैं। वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना को लेकर आयोजित जिला स्तरीय बैठक में भी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विनय सोनी, परिवहन उड़नदस्ता एवं बस संचालकों की मौजूदगी रही थी।
फिलहाल परिवहन विभाग के निर्देशों के बाद निगाहें इस बात पर हैं कि बसों में किराया सूची लगाने और निर्धारित किराए से अधिक वसूली पर रोक लगाने के निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है।