सड़क तक फैली दुकानें और बेतरतीब पार्किंग से यातायात प्रभावित; स्थानीय लोगों ने वैकल्पिक स्थल और व्यवस्थित बाजार की मांग की,
अंबिकापुर। जिला मुख्यालय से महज 3-4 किलोमीटर दूर अजिरमा में रविवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट बाजार इन दिनों स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बाजार के दिन सड़क किनारे दुकानों और वाहनों की भीड़ के कारण हाईवे पर यातायात दबाव बढ़ जाता है और कई बार जाम जैसी स्थिति बनने की शिकायत सामने आती है।
- सड़क तक फैली दुकानें और बेतरतीब पार्किंग से यातायात प्रभावित; स्थानीय लोगों ने वैकल्पिक स्थल और व्यवस्थित बाजार की मांग की,
- दुकानें और पार्किंग से सिकुड़ जाती है सड़क
- एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को लेकर चिंता
- वैकल्पिक बाजार स्थल की मांग
- नो-पार्किंग और यातायात नियंत्रण से मिल सकती है तत्काल राहत
- व्यापारियों की आजीविका भी रहे सुरक्षित
- सड़क सुरक्षा को लेकर भी बढ़ रहा खतरा
अजिरमा का साप्ताहिक बाजार आसपास के ग्रामीणों और छोटे व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीण यहां अपनी उपज और अन्य सामान बेचने के साथ दैनिक जरूरतों की खरीदारी भी करते हैं। लेकिन बाजार के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित स्थान नहीं होने के कारण दुकानें हाईवे की पटरियों तक फैल जाती हैं।
दुकानें और पार्किंग से सिकुड़ जाती है सड़क
बाजार के दिन सब्जी, फल, कपड़े, किराना और घरेलू सामान सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें सड़क के काफी करीब लग जाती हैं। दूसरी ओर खरीदारी करने आने वाले लोग अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं।
दुकानों और बेतरतीब पार्किंग के कारण हाईवे पर वाहनों के लिए उपलब्ध जगह कम हो जाती है। खासकर बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों के गुजरने के दौरान वाहन चालकों को गति कम करनी पड़ती है और सामने से आने वाले वाहनों को रास्ता देने में भी परेशानी होती है।
एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को लेकर चिंता
स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता आपातकालीन सेवाओं को लेकर है। यदि बाजार के समय हाईवे पर जाम या अत्यधिक भीड़ की स्थिति बनती है तो एंबुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता मिलने में परेशानी हो सकती है।
लोगों का कहना है कि बाजार बंद करना समाधान नहीं है। जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें छोटे व्यापारियों की आजीविका भी बनी रहे और हाईवे का आवागमन भी सुचारु रहे।
वैकल्पिक बाजार स्थल की मांग
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन से हाईवे से पर्याप्त दूरी पर सुरक्षित और व्यवस्थित साप्ताहिक हाट बाजार स्थल चिन्हित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार के लिए अलग जगह उपलब्ध होने से दुकानदारों को निश्चित स्थान मिलेगा और हाईवे पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
इसके साथ ही बाजार में आने वाले वाहनों के लिए अलग पार्किंग क्षेत्र, पैदल आवागमन के लिए पर्याप्त जगह और दुकानों के लिए निर्धारित क्षेत्र बनाया जाना चाहिए।
नो-पार्किंग और यातायात नियंत्रण से मिल सकती है तत्काल राहत
जब तक वैकल्पिक बाजार स्थल विकसित नहीं होता, तब तक बाजार वाले दिन हाईवे के दोनों ओर नो-पार्किंग व्यवस्था, दुकानों को सड़क से पीछे रखने और आवश्यकतानुसार यातायात पुलिस की तैनाती जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चूंकि हाट बाजार सप्ताह में केवल एक दिन लगता है, इसलिए प्रशासन के पास पहले से यातायात प्रबंधन की कार्ययोजना बनाने का पर्याप्त अवसर है।
व्यापारियों की आजीविका भी रहे सुरक्षित
सड़क किनारे दुकान लगाने वाले ग्रामीण और छोटे व्यापारी इसी साप्ताहिक बाजार से अपनी आय अर्जित करते हैं। ऐसे में केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बजाय उन्हें वैकल्पिक वेंडिंग जोन या व्यवस्थित बाजार क्षेत्र उपलब्ध कराना अधिक व्यावहारिक समाधान हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन दुकानदारों, ग्रामीणों और यातायात विभाग के साथ चर्चा कर स्थायी समाधान तैयार करे, ताकि किसी एक पक्ष को नुकसान न हो।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी बढ़ रहा खतरा
बाजार में खरीदारी के दौरान लोग कई बार सड़क के बेहद करीब पहुंच जाते हैं। छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में बाजार पहुंचते हैं, जबकि इसी मार्ग से लगातार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
ऐसे में अचानक सड़क पर आने वाले पैदल यात्री, दोपहिया वाहन और हाईवे पर दौड़ते भारी वाहनों के बीच दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी गंभीर हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को अभी से प्रभावी व्यवस्था लागू करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें
- हाईवे से पर्याप्त दूरी पर साप्ताहिक हाट के लिए स्थायी स्थल चिन्हित किया जाए।
- दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था हो।
- बाजार वाले दिन हाईवे के आसपास नो-पार्किंग व्यवस्था लागू की जाए।
- आवश्यकता के अनुसार यातायात पुलिस की तैनाती की जाए।
- दुकानों को हाईवे से निर्धारित दूरी पर व्यवस्थित किया जाए।
- छोटे व्यापारियों के लिए वैकल्पिक वेंडिंग जोन विकसित किया जाए।
- एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता हमेशा खुला रखा जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुद्दा बाजार बंद कराने का नहीं, बल्कि उसे व्यवस्थित करने का है। यदि प्रशासन समय रहते वैकल्पिक स्थल और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था करता है तो व्यापारियों की आजीविका भी सुरक्षित रहेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन भी सुचारु बना रहेगा।