दंतेवाड़ा के दूरस्थ वनांचल में ग्रामीणों ने उत्साह से सुना प्रधानमंत्री मोदी का संदेश, मंत्री-सांसद-विधायक भी रहे मौजूद।
रायपुर, 30 अगस्त 2026। बस्तर में बदलते हालात की एक तस्वीर रविवार को दंतेवाड़ा के दूरस्थ वनांचल छिंदनार से सामने आई। जिस क्षेत्र में कुछ समय पहले तक नक्सल हिंसा और धमाकों का साया रहा करता था, वहां अब ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना।
प्रधानमंत्री का संदेश सुनने के लिए छिंदनार के ग्रामीण उत्साह के साथ एकत्र हुए। गांव के कई लोगों के लिए यह पहला अवसर था, जब उन्होंने प्रधानमंत्री को रेडियो के माध्यम से सीधे सुना।
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप और दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे और उन्होंने भी ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना।
धमाकों के साए से रेडियो की आवाज तक
छिंदनार में रविवार का दृश्य लंबे समय तक संघर्ष से प्रभावित रहे बस्तर की बदलती तस्वीर को सामने रख रहा था। ग्रामीणों ने शांत माहौल में रेडियो पर प्रधानमंत्री का संदेश सुना और कार्यक्रम के दौरान विशेष उत्साह नजर आया।
ग्रामीणों ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के अलग-अलग हिस्सों को एक सूत्र में जोड़ने वाला कार्यक्रम है। इसके माध्यम से समाज और देश में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और उनकी पहलों की जानकारी पूरे देश तक पहुंचती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कार्यक्रम लोगों को नई सोच, रचनात्मक पहल और समाजहित में बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है।
ग्रामीणों ने कहा—देश की सकारात्मक तस्वीर से होते हैं रूबरू
‘मन की बात’ सुनने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे विकास कार्यों, नवाचारों और सामाजिक पहलों की जानकारी मिलती है।
इसके साथ ही देश की संस्कृति, परंपरा और विरासत से जुड़ी जानकारियां भी लोगों तक पहुंचती हैं। ग्रामीणों ने इसे जनभागीदारी और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम बताया।
बस्तर में विकास की नई राह
छिंदनार में ग्रामीणों का इस तरह एकत्र होकर प्रधानमंत्री का कार्यक्रम सुनना बस्तर में हो रहे व्यापक बदलाव की एक झलक माना जा रहा है।
दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में सड़क, मोबाइल कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में रुके हुए विकास कार्यों को गति देने के साथ सरकारी योजनाओं की पहुंच भी ग्रामीण इलाकों तक बढ़ाई जा रही है।
सरकार की ओर से दूरस्थ एवं दुर्गम गांवों में नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
छिंदनार से दिखी बदलते बस्तर की तस्वीर
छिंदनार में ग्रामीणों का शांतिपूर्वक एक साथ बैठकर ‘मन की बात’ सुनना केवल एक कार्यक्रम में सहभागिता नहीं, बल्कि क्षेत्र में बदलते माहौल की तस्वीर भी पेश करता है।
नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे इलाकों में अब शांति, विकास और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ती दिखाई दे रही है। छिंदनार का यह दृश्य बस्तर के बदलते दौर की एक महत्वपूर्ण झलक बनकर सामने आया।




