सूरजपुर। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) सेंट्रल रीजन, भोपाल और सूरजपुर वन विभाग की संयुक्त टीम ने बाघ की खाल और पैंगोलिन (सल्लू सांप) के शल्क की तस्करी करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद किए गए हैं। तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
गुप्त सूचना पर हुई संयुक्त कार्रवाई
सूरजपुर वनमंडलाधिकारी (DFO) डी.पी. साहू ने बताया कि 27 जुलाई को वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) सेंट्रल रीजन, भोपाल से सूचना मिली थी कि सूरजपुर क्षेत्र में बाघ की खाल और अन्य वन्यजीव अंगों की तस्करी होने वाली है। सूचना मिलते ही वन विभाग और WCCB की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दो अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। एक टीम को सूरजपुर और दूसरी टीम को कुदरगढ़ क्षेत्र में निगरानी के लिए तैनात किया गया।
ओड़गी-भैयाथान मार्ग पर घेराबंदी, बाइक सवार तीन आरोपी दबोचे
गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने ओड़गी-भैयाथान मार्ग पर ग्राम बैजनाथपुर के पास घेराबंदी की। इसी दौरान सीजी 15 डीएन 7494 नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए।
टीम ने हुलिए के आधार पर उन्हें रोककर तलाशी ली, जिसमें उनके कब्जे से बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद हुए। इसके बाद वन विभाग ने वन्यजीव अंगों को जब्त कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। 28 जुलाई को उनके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
टिकेश्वर प्रसाद राजवाड़े (38 वर्ष), पिता रामकिशुन राजवाड़े, निवासी धरसीवां नवापारा, थाना ओड़गी, जिला सूरजपुर।
भूखन लाल पंडो (56 वर्ष), पिता रामलाल, निवासी आमापानी, ग्राम भंवरखोह, थाना ओड़गी, जिला सूरजपुर।
गरीबलाल (58 वर्ष), पिता रामदयाल, निवासी आमापानी, ग्राम भंवरखोह, थाना ओड़गी, जिला सूरजपुर।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
डीएफओ डी.पी. साहू ने बताया कि इस कार्रवाई में वन विभाग अंबिकापुर, वन परिक्षेत्र कुदरगढ़ तथा WCCB सेंट्रल रीजन, भोपाल की संयुक्त टीम शामिल रही। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि इस तस्करी नेटवर्क में अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।