सूरजपुर में जिला स्तरीय समीक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न, छात्रावासों में शिक्षा, अनुशासन और समग्र विकास पर कलेक्टर रेना जमील के निर्देश
सूरजपुर। जिला स्तरीय समीक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यशाला में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने जिले के आश्रम एवं छात्रावास अधीक्षकों को छात्र-छात्राओं की पढ़ाई, अनुशासन, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रखने, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराने, नियमित अध्ययन, स्वच्छता तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए करियर काउंसलिंग, खेलकूद, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल शिक्षा, व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि आश्रम एवं छात्रावास केवल आवासीय संस्थान नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। इसलिए प्रत्येक अधीक्षक अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें और बच्चों को सुरक्षित, अनुशासित एवं प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराएं।
जिला प्रशासन का उद्देश्य छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, नैतिक संस्कार और समग्र विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है।