सूरजपुर । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय सूरजपुर में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
इस न्याय पर्व का शुभारंभ रमेश सिन्हा द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। न्यायालय परिसर में विनीता वार्नर एवं समस्त न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में वरिष्ठ नागरिक संघ के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी, बैंक, नगरपालिका एवं विद्युत विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जिलेभर के न्यायालयों को किया गया शामिल
यह नेशनल लोक अदालत केवल जिला एवं सत्र न्यायालय तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें कुटुम्ब न्यायालय, तालुका न्यायालय प्रतापपुर, बाल न्यायालय तथा जिले के सभी राजस्व न्यायालयों को भी शामिल किया गया। आयोजन का उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का आपसी सहमति से त्वरित और सरल निराकरण करना था।
मोटर दुर्घटना दावों में पीडि़त परिवारों को बड़ी राहत
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के कई मामलों का निराकरण करते हुए पीडि़त परिवारों को बड़ी राहत प्रदान की गई। खण्डपीठ क्रमांक 1 में पति की दुर्घटना में मृत्यु से संबंधित वर्षों पुराने मामले का 17 लाख 50 हजार रुपये में समझौता कराया गया, वहीं खण्डपीठ क्रमांक 3 में एक अन्य मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में पत्नी को 21 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। खण्डपीठ क्रमांक 4 में 6 लाख 70 हजार रुपये में समझौता हुआ, जबकि खण्डपीठ क्रमांक 6 में दो अलग-अलग मामलों में 11 लाख एवं 13 लाख 50 हजार रुपये में निपटारा कराया गया।
इसके अतिरिक्त अन्य खण्डपीठों में भी सैकड़ों मामलों का समझौते के आधार पर निराकरण हुआ।
दिव्यांग बालेश्वर सिंह को मिली मोटराइज्ड ट्राय साइकिल
समाज कल्याण विभाग सूरजपुर के सहयोग से ग्राम मसिरा निवासी बालेश्वर सिंह को माननीय न्यायाधीशों के हाथों मोटराइज्ड ट्राय साइकिल प्रदान की गई। कुछ वर्ष पूर्व पेड़ से गिरने के कारण उनकी कमर के नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर चुका था, जिससे वे चलने-फिरने में असमर्थ थे।राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर ट्राय साइकिल मिलने से उनके चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने न्यायाधीशों एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
33 खण्डपीठों में हुई विभिन्न मामलों की सुनवाई
त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में कुल 33 खण्डपीठों का गठन किया गया था। इन खण्डपीठों में सिविल वाद, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, राजीनामा योग्य आपराधिक एवं राजस्व प्रकरणों के साथ-साथ बैंक, बिजली, टेलीफोन एवं जल कर बकाया से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई की गई। खण्डपीठों ने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला और हजारों मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया।
83 हजार से अधिक पक्षकार हुए लाभान्वित
द्वितीय नेशनल लोक अदालत में जिलेभर से कुल 2587 लंबित प्रकरण एवं 92592 प्री-लिटिगेशन प्रकरण विचारार्थ रखे गए थे, इनमें से 83580 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इस दौरान कुल 5 करोड़ 09 लाख 33 हजार 428 रुपये का अवार्ड पारित किया गया, जिससे 83 हजार 580 से अधिक पक्षकार लाभान्वित हुए।
इस सफल आयोजन का श्रेय विनीता वार्नर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूरी टीम को दिया जा रहा है।