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नामली नगर परिषद में करोड़ों के विकास शुल्क घोटाले का आरोप,भाजपा उपाध्यक्ष ने कलेक्टर से की उच्चस्तरीय जांच की मांग ।

Bharat Sharma

भरत शर्मा की रिपोर्ट

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रतलाम |नगर परिषद नामली में कॉलोनी विकास शुल्क (Colony Development Charges) को लेकर गंभीर अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। भाजपा नेत्री एवं नगर परिषद नामली की उपाध्यक्ष पूजा श्रीनाथ योगी ने जिला कलेक्टर रतलाम को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि नगर परिषद के अधिकारियों एवं कुछ जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये के विकास शुल्क की वसूली किए बिना ही नामांतरण एवं निर्माण अनुमति प्रदान कर दी गई।

दस्तावेज़ों से हुआ खुलासा

नगर परिषद नामली की साधारण सम्मेलन क्रमांक 05 (दिनांक 26.12.2024) की प्रोसीडिंग में पारित संकल्प क्रमांक 40 (मद क्रमांक 16 एवं 17) के तहत प्रकरण क्रमांक 1X146 एवं 1X147 में निजी कंपनी पिगासस इनलैंड कंटेनर डिपो प्रा. लि. (प्रो. अजय अग्रवाल) की लगभग 45 बीघा भूमि का नामांतरण किया गया। शिकायत के अनुसार यह नामांतरण मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 तथा प्रचलित विकास शुल्क नियमों के स्पष्ट उल्लंघन में किया गया, जबकि आम नागरिकों से प्रत्येक प्लॉट पर 30,000 से 40,000 रुपये तक का विकास शुल्क वसूला जाता है। नगर परिषद को लाखों की प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति उपाध्यक्ष योगी ने आरोप लगाया कि—बिना विकास शुल्क जमा कराए ही नामांतरण कर दिया गया बिना शुल्क जमा किए निर्माण अनुमति भी प्रदान कर दी गई इससे नगर परिषद के राजस्व हितों को लाखों रुपये की सीधी आर्थिक क्षति पहुंची जबकि दूसरी ओर आम नागरिकों को वर्षों तक नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

नामांतरण शुल्क की रसीद भी उजागर

दस्तावेज़ों में यह भी सामने आया कि नगर परिषद द्वारा ₹21,215 की रसीद “Colony Development Charge” के नाम पर जारी की गई, जो कि इतनी विशाल भूमि के अनुपात में अत्यंत नगण्य बताई जा रही है। यह रसीद पूरे प्रकरण की संदेहास्पद भूमिका को और मजबूत करती है। कानून के उल्लंघन का आरोप
शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह मामला—कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत का उल्लंघन आम जनता के साथ खुला अन्याय लोकधन के दुरुपयोग तथा गंभीर वित्तीय भ्रष्टाचार का उदाहरण है।

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विशेष जांच की मांग

भाजपा उपाध्यक्ष ने मांग की है कि—यह स्पष्ट किया जाए कि नामांतरण किस नियम व किस अधिकार के तहत किया गया नियम अनुसार कितनी राशि वसूली जानी थी और कितनी नहीं ली गई संबंधित राशि किस बैंक खाते में, किस आदेश से और किस प्रयोजन से जमा हुई वर्ष 2022 से जनवरी 2026 तक के सभी नामांतरण प्रकरणों की फाइलें जब्त कर जांच की जाए संबंधित बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज किया जाए

EOW से जांच की मांग शिकायत में मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की जांच—लोकायुक्त संगठन अथवा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 एवं IPC की धाराओं 409, 420, 120-B सहित कठोर कार्रवाई की जाए।

सीएमओ की भूमिका पर भी सवाल

नामांतरण प्रस्ताव मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) द्वारा तैयार कर परिषद में प्रस्तुत किया गया था। शिकायत में कहा गया है कि जिन-जिन अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने नामांतरण स्वीकृति फाइल पर हस्ताक्षर किए, वे सभी इस अवैध कृत्य के लिए समान रूप से उत्तरदायी हैं

प्रतिलिपि भेजी गई इस मामले की प्रतिलिपि
संभाग आयुक्त उज्जैन ,एसपी लोकायुक्त उज्जैन,
EOW भोपाल को भी भेजी गई है।
नगर परिषद नामली में सामने आया यह मामला स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस गंभीर आरोपों वाले प्रकरण में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

मुझे इस विषय की जानकारी नहीं है नियमों अनुसार नामांतरण किया गया है। कलेक्टर को की गई शिकायत पर जानकारी मिलने पर जवाब दिया जाएगा।

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नासिर अली सीएमओ नामली

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