भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संँघ एवं नवयुवक मंडल रतलाम के तत्वावधान में लगभग 50 सदस्यों ने राजस्थान के कमोल में हाल ही में संपन्न हुए ऐतिहासिक भागवती दीक्षा समारोह में भाग लिया।

यह दीक्षा समारोह परम पूज्य प्रवर्तक विजय मुनि जी, उपाध्यक्ष गौतम मुनि जी म.सा. प्रथम, उपप्रवर्तिनी शांता कंवर म सा एवं दक्षिण चंद्रिका डॉ. संयमलता म.सा. के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।

दोपहर 12:15 बजे शुरू हुए इस दिव्य समारोह में जैसे ही दीक्षा का पवित्र क्षण आया, सम्पूर्ण पांडाल ‘जैन दिवाकर जी अमर रहें’ और ‘दीक्षार्थी अमर रहें’ के जयकारों गुंजा एवं जैसे ही मुमुक्षु बहन शीतल के संयमि जीवन मे पूज्य महासती आगमप्रज्ञा म सा के नाम की घोसणा हुईं तो पूरा पांडाल मंगल ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर इस आध्यात्मिक क्षण के साक्षी बनने का परम सौभाग्य प्राप्त किया।

कार्यक्रम में रतलाम से गए विशिष्ट श्रद्धालुओं में संघ सरक्षक महेंद्र बोथरा, सुरेश कटारिया, संघ अध्यक्ष अजय खिमेसरा, महामंत्री विनोद कटारिया, कोषाध्यक्ष अमृत कटारिया, उपाध्यक्ष विनोद बाफना सहित नवयुवक मंडल के महामंत्री विरेन्द्र कटारिया, कोषाध्यक्ष अरिहंत बोराणा, सौरभ बोथरा, यश पूँगलिया, अजय पितलियाँ, दिनेश पटवा एवं बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित थीं। रतलाम संघ के इस प्रतिनिधिमंडल ने पूज्य मुनिराजों का आशीर्वाद लेकर रतलाम की धरती को पुण्यशाली बनाया।



