नामली जिला ब्यूरो चीफ की खबर


नामली (रतलाम)।नगर के युवक शिवम राठौर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। 13 फरवरी 2026 की सुबह करीब 10 बजे नामली रेलवे ब्रिज के पास शिवम राठौर का शव मिलने के बाद मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।

मृतक के परिजनों और कांग्रेस ने नेता राजेश भरावा, अशोक राठौड़ तेली समाज अध्यक्ष, बंटी डाबी, संजय चौहान, मंडी विधायक प्रतिनिधि गणेश गुर्जर, पूर्व पार्षद अजय जोगचंद्र , राधेश्याम जाट, नंदकिशोर चौहान, महेश भंसाली आदि सर्व समाज नामली के तहसीलदार को नामली थाने पर लिखित आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि प्रारंभिक जांच में ही कई गंभीर लापरवाहियाँ बरती गईं।
परिजनों का कहना है कि जांच शुरू होने के बावजूद अब तक किसी भी नामजद आरोपी पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह संदेह और गहरा गया है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
आवेदन में मांग की गई है कि
मामले में शामिल प्रभावशाली आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए ताकि जांच प्रभावित न हो।
शिवम राठौर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की निष्पक्ष जांच की जाए और जिन-जिन लोगों से उसकी बातचीत हुई, उनसे पूछताछ की जाए।
मामले की जांच SIT (विशेष जांच दल) गठित कर कराई जाए।
घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे की फुटेज खंगाली जाए।
हत्या से जुड़े गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाए।
मौके का पुनः पंचनामा कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए।
पहले बनाए गए पंचनामे में जिन संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी थी, उनकी भूमिका की भी जांच हो।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब घटनास्थल पर पंचनामा बनाया गया, उस समय कुछ संदिग्ध लोग मौके पर मौजूद थे, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, उज्जैन रेंज के आईजी, कलेक्टर रतलाम, पुलिस अधीक्षक रतलाम एवं थाना प्रभारी नामली को भी भेजी गई है।



