भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम/श्रम संगठनों के संयुक्त समिति की बैठक रविवार को शास्त्री नगर स्थित MR कार्यालय में संपन्न हुई जिसमें 12 फरवरी 2026 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल के पोस्टर का विमोचन किया गया एवं केंद्र सरकार के श्रम संबंधी काले कानून के विरोध में हड़ताल को जोर-शोर से करने की तैयारी की गई|
बैठक में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के अभिषेक जैन, निखिल मिश्रा, ईश्वर लाल पुरोहित (पोस्ट एंड टेलीग्राफ), कीर्ति कुमार शर्मा (प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन) , कृष्णा सोनगरा (आंगनवाड़ी सहायिका एकता यूनियन), चरण सिंह यादव (समग्र पेंशनर्स संगठन) ,रणजीत सिंह राठौड़ (जनवादी लेखक संघ) ,जितेंद्र सिह भूरिया (मध्य प्रदेश किसान सभा), श्रीमती गीता राठौर (जनवादी महिला सभा), एम एल नगावत (मध्यान भोजन कर्मी एकता यूनियन) उपस्थित थे|
फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेसेंटेटीव्स एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया (FMRAI) ने इस हड़ताल के मद्देनजर मेडिकल एवम सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स (SPE’s) की रोज़मर्रा की समस्याओं और उनसे जुड़े कानूनी प्रावधानों के लिए निम्नलिखित 8 सूत्री मांगपत्र तैयार किया है –
केंद्र सरकार से मांगें
चारों श्रम संहिताओं को रद्द करें और एस.पी.ई अधिनियम, 1976 (SPE Act) को बहाल करें।
बिक्री संवर्धन कर्मचारियों (SPEs) के लिए वैधानिक कार्य नियमावली बनाएं ।
सरकारी अस्पतालों एवं चिकित्सा संस्थानों में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स के प्रवेश पर प्रतिबंध हटाएं और काम करने का अधिकार सुनिश्चित करें।
राज्य सरकारों से मांगें
बिक्री संवर्धन कर्मचारियों (दवा प्रतिनिधियों) के लिए न्यूनतम वेतन 26910/- रुपये घोषित करें।
कर्मचारियों के लिए आठ घंटे के कार्य की अधिसूचना घोषित कर लागू करें।
औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 2(S) में संशोधन करते हुए SPEs को Workman की श्रेणी में परिभाषित कर शामिल करें।
नियोक्ताओं से मांगें
सेल्स के नाम पर दवा प्रतिनिधियों पर दमन और उत्पीड़न बंद करें।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेटस द्वारा ट्रैकिंग और निगरानी के माध्यम से गोपनीयता में घुसपैठ बंद करें।



