भरत शर्मा की रिपोर्ट

दादा ने लाखों परिवार की तीन पीढ़ी को सुखी किया है -प्रकाश अग्रवाल

युवाम अद्वितीय है , इसका दूसरा संस्करण असंभव है – रविन्द्र ठाकुर
रतलाम/युवाम की सफलता यह नहीं है कि युवाम से प्रशिक्षण प्राप्त कर एक लाख से ज्यादा नौजवान आज विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत है , यह तो अहंकार है । युवाम की सफलता तो यह है कि , इस व्यवसायिक युग में भी हजारों नौजवान निस्वार्थ भाव से युवाम के मिशन को जिंदा रखे हुए हैं ।

यह बात युवाम संस्थापक पारस सकलेचा ने कहीं ये युवाम परिवार के क्षितिज ठाकुर का बैंक ऑफ़ बड़ौदा में प्रोबेशनरी ऑफिसर में चयन होने पर युवाम सभागृह में आयोजित समारोह में बोल रहे थे सकलेचा ने कहां की चयन से यदि श्रद्धा का बीज अंकुरित नहीं होता तथा सेवा का पौधा नहीं लगता , तो वह सफलता अहंकार बन जाती है । स्वस्थ्य और सुखी रहने का एकमात्र मंत्र यह है कि , हम कुछ तो ऐसा करें , जिसमें देने का भाव हो , और बदले में पद , प्रतिष्ठा , पैसा , कुछ भी पाने की लालसा न हो ।
युवाम श्रीसंघ के सचिव प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि एक नौजवान का नौकरी से लगना , तीन पिढी को सुखी करता है , और दादा ने तो लाखों परिवारों की तीन पीढ़ियों को सुखी कर दिया है युवाम के वरिष्ठ सदस्य रविंद्र ठाकुर ने कहा कि युवाम के 50 साल के सफर में तीसरी पीढ़ी इसका लाभ ले रही है । क्षितिज हमारे परिवार की दूसरी पीढ़ी का है । युवाम अद्वितीय है , इसका दूसरा संस्करण कभी नहीं हो पाएगा ।
क्षितिज अग्रवाल ने अपने चयन पर पारस दादा सहित युवाम के सभी अध्यापकगण तथा वरिष्ठो के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि हमारे परिवार की दो पीढ़ी के चार सदस्य इससे लाभान्वित हुए हैं इस अवसर युवाम फैकल्टी के जितेंद्र राठौर तथा हर्ष उपाध्याय तथा सौमिया ने भी क्षितिज ठाकुर का बैंक ऑफ़ बड़ौदा में प्रोबेशनरी ऑफिसर में चयन होने पर अभिनंदन किया ।



