सूरजपुर । राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सूरजपुर में गुरुवार 1 जनवरी 2026 को सड़क सुरक्षा माह का भव्य शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में कलेक्टर एस. जयवर्धन एवं डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही । शुभारंभ अवसर पर स्कूली छात्राओं द्वारा हेलमेट जागरूकता रैली एवं यातायात जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया । इसके बाद कलेक्टर और डीआईजी/एसएसपी ने स्वयं पुलिस जवानों के साथ बाइक चलाते हुए शहर में हेलमेट जागरूकता रैली निकालकर नागरिकों को सशक्त संदेश दिया ।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का यह शुभारंभ एक स्पष्ट संदेश दे गया, सड़क सुरक्षा सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है । यदि नियमों का पालन ईमानदारी से किया जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।
बाइक चलाते वक्त हेलमेट ज़रूर पहनें : कलेक्टर एस. जयवर्धन
कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने कहा कि यातायात नियम केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित जीवन की आवश्यकता हैं । उन्होंने कहा हर व्यक्ति की जान बेहद कीमती है । बाइक चलाते समय हेलमेट का उपयोग ज़रूर करें। आपकी जागरूकता ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सबसे बड़ा सहयोग है ।
उन्होंने अपील की कि नागरिक स्वयं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात नियमों का पालन करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
गाड़ी चलाते समय सोचें…घर पर कोई आपका इंतज़ार कर रहा है : डीआईजी/एसएसपी
डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 1 से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, नियमों का पालन करने और अपने जीवन की सुरक्षा के प्रति सजग करना है । उन्होंने बताया कि जिले में 4372 यातायात जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 7 लाख लोगों को जागरूक किया गया, वर्ष 2024 में 435 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जबकि 2025 में 428 दुर्घटनाएँ हुईं । वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, डीआईजी/एसएसपी ने कहा जिंदगी आपकी खुद की है, वाहन चलाते समय यह ज़रूर सोचें कि घर पर कोई आपका इंतज़ार कर रहा है ।
उन्होंने ‘राहवीर योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायलों को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर कोई भी व्यक्ति जीवन रक्षक बन सकता है।
नियमों के उल्लंघन पर सख्ती-
डीआईजी/एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2025 में 38309 मामलों में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई, 1 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक समन शुल्क, 801 मामलों में शराब पीकर वाहन चलाने पर 77 लाख रुपये का न्यायालयीन जुर्माना लगाया गया ।
पुलिस जवानों के लिए अनिवार्य हेलमेट
नए वर्ष से पुलिस विभाग में भी सख्ती दिखाई गई । डीआईजी/एसएसपी ने निर्देश दिए कि सभी पुलिस अधिकारी एवं जवान बाइक चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनेंगे । बिना हेलमेट पाए जाने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने कहा खुद सुरक्षित रहें, दूसरों को सुरक्षित रखें, यही पुलिस की पहली जिम्मेदारी है।
अन्य वक्ताओं ने भी रखा विचार
जिला रेड क्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन ओंकार पाण्डेय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु का बड़ा कारण बिना हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग है । वरिष्ठ अधिवक्ता गिरजा शंकर मिश्रा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समाज के हर वर्ग को जिम्मेदारी निभानी होगी।
उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम में एसडीओपी अभिषेक पैंकरा, थाना प्रभारी विमलेश दुबे, यातायात प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय, पुलिस अधिकारी- कर्मचारी, छात्र- छात्राएँ एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे । मंच संचालन आरक्षक शशिकांत मिश्रा द्वारा किया गया।

