रतलाम। समाजसेवी और क्रिकेटर अश्विनी शर्मा (61) की अंतिम यात्रा गुरुवार को जवाहर नगर स्थित निवास से निकाली गई। जवाहर नगर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार हुआ। मुखाग्नि छोटे भाई अनुज शर्मा एवं पुत्री तनु और अनु शर्मा ने दी। श्री शर्मा की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में विभिन्न सामाजिक, खेल और राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारी सहित संगठनों के अलावा रतलाम के गणमान्य नागरिक मौजूद थे। अंतिम यात्रा में शामिल हर शख्स ने नम आंखों के साथ श्री शर्मा को विदाई दी। 2 जनवरी की सुबह 10.30 बजे श्री शर्मा के निवास स्थान पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई है।
बता दें कि मंगलवार दोपहर में वडोदरा (गुजरात) के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर रतलाम लाने के बाद परिजनों ने नेत्रदान करवाए थे। 28 दिसंबर की रात ब्रेन स्ट्रोक आने से श्री शर्मा को वडोदरा ले जाया गया था। जहां निजी अस्पताल में उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी। श्री शर्मा समाजसेवी होने के साथ रोटरी क्लब डायमंड के अध्यक्ष और कई खेल गतिविधियों से जुड़े हुए थे। वे श्रमिक संगठनों में भी सक्रिय भागीदारी रखते थे। उन्होंने 100 से ज्यादा बार रक्तदान किया था। उनके आकस्मिक निधन से उनको जानने वाले स्तब्ध रह गए। वे अनुज शर्मा और अरविंद शर्मा के बड़े भाई थे।
अंतिम यात्रा में यह थे प्रमुख रूप से शामिल
मुक्तिधाम में आयोजित शोक सभा में श्री शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, महापौर प्रहलाद पटेल, आशुतोष क्रिकेट क्लब से किशोर भिड़े, आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोशिएस) अध्यक्ष डॉ. जयंत सूबेदार, महेंद्र कोठारी, कांग्रेस शहर पूर्व अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि मुकेश मीणा, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अध्यक्ष अभिषेक जैन, केमिस्ट एवं ड्रागिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष जय छजलानी, सीटू के शैलेन्द्र शर्मा, अनुराग सक्सेना, सर्व ब्राह्मण समाज पुष्पेंद्र जोशी, समाजसेवी कीर्ति शर्मा, गोविंद काकाणी, मुकेश जैन, एमआईसी मेंबर भगतसिंह भदौरिया, कांग्रेस नेता राजीव रावत, मंडल अध्यक्ष मयूर पुरोहित, भाजपा नेता पवन सोमानी, पार्षद पप्पू पुरोहित, पार्षद प्रतिनिधि जयेश वसावा, भाजपा पार्षद योगेश पापटवाल, आर्य समाज के प्रकाश अग्रवाल, रेलवे संगठन पदाधिकारी प्रताप गिरी, वाजिद खान, अशोक तिवारी, अभिलाष नागर, मनोहर बारठ, इप्का कर्मचारी संगठन लाखन सिंह, ओमप्रकाश धीमन सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, खेल संगठन, प्रबुद्धवर्ग के अलावा अन्य प्रांतों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।

