ED के स्टार अधिकारी कपिल राज का अचानक 15 वर्ष पहले ही इस्तीफा: केजरीवाल-सोरेन गिरफ्तारी के बाद सियासी दबाव या निजी कारण?

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नई दिल्ली, 19 जुलाई 2025 (24.in न्यूज़ एक्सक्लूसिव)

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केजरीवाल और सोरेन की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने वाले IRS अधिकारी ने छोड़ी नौकरी

निजी कारणों का हवाला, लेकिन सियासी दबाव और संदिग्ध परिस्थितियों की चर्चा तेज

नीरव मोदी, DHFL जैसे बड़े मामलों में ED की रणनीति को दी थी दिशा

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व अधिकारी कपिल राज, जिन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों में निर्णायक भूमिका निभाई थी, ने अचानक अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। 2009 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी कपिल राज का इस्तीफा, जिसे वित्त मंत्रालय ने 17 जुलाई 2025 को स्वीकार किया, कई सवाल खड़े कर रहा है। 45 वर्षीय राज ने अपने इस्तीफे के लिए निजी कारणों का हवाला दिया है, लेकिन उनके इस कदम ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

कपिल राज ने ED में आठ वर्षों तक काम किया और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे जटिल मामलों में अपनी सख्त कार्यशैली के लिए पहचान बनाई। उन्होंने मार्च 2024 में दिल्ली शराब नीति घोटाले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और जनवरी 2024 में झारखंड के कथित जमीन घोटाले में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की निगरानी की थी। इसके अलावा, मुंबई में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में उन्होंने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, DHFL, और इकबाल मिर्ची जैसे चर्चित मामलों की जांच को दिशा दी।

संदिग्ध परिस्थितियाँ और सियासी दबाव की अटकलें

हालांकि कपिल राज ने अपने इस्तीफे के लिए निजी कारण बताए हैं, लेकिन उनके इस कदम ने कई संदेहों को जन्म दिया है। जानकारों का मानना है कि हाई-प्रोफाइल नेताओं की गिरफ्तारी जैसे संवेदनशील मामलों में उनकी भूमिका ने उन्हें भारी राजनीतिक दबाव के दायरे में ला दिया था। आम आदमी पार्टी (AAP) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने ED की कार्रवाइयों को “केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा विपक्ष को निशाना बनाने की साजिश” करार दिया था। ऐसे में, कपिल राज का अचानक इस्तीफा इस बात की ओर इशारा करता है कि वे इस सियासी तनाव से दूरी बनाना चाहते थे।

सूत्रों के अनुसार, ED जैसे संगठन में काम करने वाले अधिकारियों को अक्सर राजनीतिक दबाव और जांच की प्रक्रिया में शामिल होने के कारण तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कपिल राज का इस्तीफा उनकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक जिंदगी पर पड़ रहे इस दबाव का परिणाम हो सकता है। एक वरिष्ठ पत्रकार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “इतने बड़े मामलों में शामिल होने के बाद, कपिल राज जैसे अधिकारी निशाने पर आ जाते हैं। यह संभव है कि उन्होंने इस तनावपूर्ण माहौल से बाहर निकलने का फैसला किया हो।”

कपिल राज का करियर और योगदान

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के निवासी कपिल राज, जो इलेक्ट्रॉनिक्स में बी.टेक डिग्री धारक हैं, ने ED में अपनी बेबाक और निष्पक्ष कार्यशैली से भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ी। दिल्ली में जीएसटी इंटेलिजेंस विंग में अतिरिक्त आयुक्त के रूप में कार्यरत रहते हुए भी उन्होंने अपनी जांच की रणनीतियों से कई बड़े खुलासे किए। उनके इस्तीफे ने न केवल ED के आंतरिक कामकाज पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी चर्चा शुरू कर दी है कि क्या ऐसे अधिकारियों पर सियासी दबाव उनकी स्वतंत्रता को प्रभावित कर रहा है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कपिल राज का इस्तीफा ED की कार्यप्रणाली और केंद्र सरकार की विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाइयों को लेकर चल रही बहस को और हवा दे सकता है। कुछ का मानना है कि यह व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है, जैसे कि निजी क्षेत्र में नई भूमिका या पारिवारिक जिम्मेदारियाँ, लेकिन इसका समय और संदर्भ इसे संदिग्ध बनाते हैं।

कपिल राज का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब ED की कार्रवाइयाँ पहले से ही सवालों के घेरे में हैं। क्या यह केवल एक अधिकारी का व्यक्तिगत फैसला है, या इसके पीछे गहरे सियासी निहितार्थ हैं? यह सवाल पाठकों और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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