बलरामपुर-रामानुजगंज।:धान की फसल पर संकट गहराता जा रहा है। विकासखंड वाड्रफनगर सहित पूरे प्रदेश में यूरिया और डीएपी खाद की भारी किल्लत है। सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं, और मजबूर किसान 266 रुपए प्रति बोरी में मिलने वाली यूरिया को खुले बाजार में 800 से 1000 रुपये प्रति बोरी के भाव पर खरीद रहे हैं।
खेतों में धान की फसल पीली पड़ने लगी है। समय पर खाद न मिलने से किसानों की सालभर की मेहनत चौपट होने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमराने की स्थिति में है।
इसी गंभीर मुद्दे को लेकर प्रदेश सचिव कांग्रेस कमेटी रामदेव जगते ने किसानों व जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर वाड्राफनगर अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसानों का जीवन-यापन प्रभावित होगा और आंदोलन की नौबत आएगी।
रामदेव जगते ने कहा कि –
“किसानों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। समय रहते खाद की आपूर्ति न हुई तो प्रदेश की पूरी कृषि व्यवस्था खतरे में पड़ जाएगी। सरकार को तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।”
अब बड़ा सवाल है –
क्यों सरकारी समितियों से खाद नदारद है जबकि खुले बाजार में महंगे दामों पर बिक रहा है?
आखिर कब तक किसानों को लूट का शिकार बनाया जाएगा?
क्या सरकार समय रहते किसानों को राहत दे पाएगी या फिर आंदोलन की आग भड़क जाएगी?
यह संकट किसानों की त्रासदी के साथ-साथ सरकार की गंभीर नाकामी को उजागर करता है।
ज्ञापन सौंपते वक्त वरिष्ठ कांग्रेसी जिला उपाध्यक्ष हरिहर यादव , अधिवक्ता राजेश जायसवाल , पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष संजीव यादव, अल्पसंख्यक कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष मुबारक अंसारी, एन एस यू आई विधानसभा अध्यक्ष अतुल यादव, पूर्व सरपंच रूपपुर हरि सिंह, रविन्द्र कुमार जायसवाल,संतोष कुमार साहू सहित कई क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।