भरत शर्मा की रिपोर्ट

उज्जैन /उज्जैन नगर की फैक्ट्रियों एवं कारखानों में कार्यरत महिला एवं पुरुष श्रमिकों के साथ हो रहे गंभीर आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण के खिलाफ शिवसेना (शिंदे गुट) उज्जैन नगर इकाई ने टावर चौक फ्रीगंज से विशाल वाहन रैली निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। रैली के माध्यम से शिवसैनिकों ने प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश दिया कि मजदूरों के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा। यह पूरा कार्यक्रम शिवसेना नगर अध्यक्ष लक्ष्मण पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें शिवसेना व युवा सेना के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

वाहन रैली के बाद शिवसैनिक कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां माननीय कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कलेक्टर की अनुपस्थिति में एसडीएम द्वारा ज्ञापन प्राप्त किया गया। शिवसेना नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो शिवसेना चरणबद्ध आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
विभागों की लापरवाही से मालिकों की मनमानी
शिवसेना ने ज्ञापन में बताया कि श्रम विभाग, ईएसआईसी तथा संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण फैक्ट्री मालिकों की मनमानी बढ़ती जा रही है। नियमित निरीक्षण नहीं होने से संचालक कानूनों को खुलेआम तोड़ रहे हैं। शिवसेना ने सभी फैक्ट्रियों का सघन निरीक्षण कर विधिवत कार्रवाई की मांग की
12 घंटे तक काम, कलेक्टर रेट से कम मजदूरी
कई फैक्ट्रियों में श्रमिकों से रोजाना 10 से 12 घंटे काम कराया जा रहा है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही। अनेक स्थानों पर 200 से 300 रुपये प्रतिदिन भुगतान किया जा रहा है, जो मजदूरी कानूनों का सीधा उल्लंघन है
PF–ESIC कटता है, सुविधा नहीं मिलती
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पीएफ और ईएसआईसी के नाम पर मजदूरों से कटौती तो होती है, लेकिन राशि उनके खातों में जमा नहीं की जाती। बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में मजदूरों को उपचार तक नहीं मिलता
छुट्टी लेने पर वेतन काटा जाता है
महिला व पुरुष श्रमिकों को साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक अवकाश नहीं दिए जा रहे। मजबूरी में छुट्टी लेने पर पूरा वेतन काट लिया जाता है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है
महिला श्रमिकों के साथ विशेष अन्याय
फैक्ट्रियों में कार्यरत महिलाओं को पीरियड लीव और मातृत्व अवकाश नहीं दिया जा रहा। पीरियड के दौरान दवाइयां, सेनेटरी पैड और आराम जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जातीं, जो महिला स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
न सैलरी स्लिप, न रिकॉर्ड पारदर्शिता
अधिकांश फैक्ट्रियों में मजदूरों को मासिक सैलरी स्लिप नहीं दी जाती। इससे मजदूरी, कटौती और ओवरटाइम का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं रहता और मालिक मनमानी करते हैं।
ओवरटाइम का भुगतान नहीं
निर्धारित समय से अधिक काम कराने के बावजूद ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता, जबकि यह कानूनन अपराध है।
शिवसेना का दो टूक एलान
शिवसेना नगर इकाई ने स्पष्ट कहा कि उज्जैन के श्रमिकों के साथ हो रहे शोषण को शिवसेना कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। मजदूरों की मेहनत का खून चूसने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो शिवसेना सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
सभी फैक्ट्रियों का तत्काल निरीक्षण
PF–ESIC घोटालों की जांच।
दोषी संचालकों पर एफआईआर।
फैक्ट्री लाइसेंस निरस्त।
न्यूनतम मजदूरी सख्ती से लागू।
हर श्रमिक को सैलरी स्लिप।
ओवरटाइम का भुगतान।
पीरियड व मातृत्व अवकाश लागू।
शिवसेना नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई उज्जैन के हर मजदूर की इज्जत, हक और सुरक्षा की है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
